मुंद्रा पोर्ट से 48 करोड़ की ई-सिगरेट जब्त, 250 डिब्बों में रखी गईं थी 2 लाख सिगरेट

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गुजरात का मुंद्रा पोर्ट एक बार फिर विवादों में घिर गया है. कुछ दिन पहले ही इस बंदरगाह से भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किया गया था. वहीं अब एक बार फिर राजस्व खुफिया निदेशालय की टीम ने मुंद्रा पोर्ट से 48 करोड़ रुपये की ई-सिगरेट जब्त की है. डीआरआई ने सयुंक्त अभियान के तहत 16 सितंबर को मुंद्रा बंदरगाह पर 48 करोड़ रुपए की कीमत की ई-सिगरेट जब्त की. जांच में पता चला कि सामान को फ्लोर क्लीन मॉप्स बताया गया था, लेकिन जब जांच की तो कंटेनर में 2 लाख ई-सिगरेट रखी हुईं थी.

मुखबिर ने पहले ही अधिकारियों को इस कंसाइमेंट के बारे में सूचना दे दी थी. जिसके बाद से ही टीम अलर्ट पर थी. जैसे ही खेप पोर्ट पर पहुंची टीम ने इसे रोक लिया. जांच के दौरान धीरे-धीरे कंटेनर के अंदर के सभी डिब्बों को बाहर निकाल कर खोला गया. शुरुआत में तो कंटेनर में कुछ पोछे के साथ ही हाथ की मालिश करने वाला तेल, एलसीडी और कुछ बॉक्स थे, लेकिन वहीं जब कंटेनर को उठाकर देखा तो वो सामान्य से थोड़ा अधिक भारी था. इसके बाद और जांच की गई तो हकीकत सामने आ गई. दरअसल ई-सिगरेट के बॉक्स को कंटेनर में सबसे नीचे छुपाया गया था.

भारत में बैन है ई-सिगरेट

जानकारी के मुताबिक 250 डिब्बों में 2 लाख ई-सिगरेट रखी हुई थीं. बताया जा रहा है कि यह ई-सिगरेट चीन में तैयार की गई थीं. बता दें कि भारत में ई-सिगरेट पर बैन है, लेकिन उसके बाद भी चीन से भारत में ई-सिगरेट की सप्लाई की जा रही है.

मुंद्रा बंदरगाह से पहले भी जब्त हुई थीं ई-सिगरेट

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी मुंद्रा बंदरगाह से भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए थे. उस दौरान सूरत डीआरआई डिवीजन यूनिट को एक मुखबिर से सूचना मिली कि कंटेनरों में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित ई-सिगरेट मुंद्रा बंदरगाह से मुंबई जा रही है. मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर डीआरआई अधिकारियों ने सूरत के पलसाना इलाके में कंटेनर को रोका. कंटेनर की जांच करने पर उसमें भारी मात्रा में प्रतिबंधित ई-सिगरेट बरामद हुई थी. कंटेनर से 85 हजार ई-सिगरेट मिली, जिसकी बाजार में कीमत 20 करोड़ आंकी गई है.