महाराष्ट्र: नवाब मलिक अभी जेल में ही रहेंगे, सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत, दाउद इब्राहिम से जुड़े लोगों से जमीन के सौदे का मामला

Nawab Malik

महाराष्ट्र सरकार में अल्प संख्यक मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक (Maharashtra minister ncp leader Nawab Malik) को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है. मनी लॉन्ड्रिंग के केस (Money Laundering Case) में उन्हें सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) से भी राहत नहीं मिली है. हाई कोर्ट द्वारा अपील ठुकरा दिए जाने के बाद नवाब मलिक अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट चले गए थे. सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी रिहाई की याचिका को नामंजूर कर दिया है. सर्वोच्च न्यायालय ने जांच के दौरान बीच में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया है. कोर्ट ने उन्हें रिहाई की अपील के लिए इस केस के लिए उपयुक्त कोर्ट में अपील करने की सलाह दी है. यानी अब नवाब मलिक एक बार फिर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं.

नवाब मलिक पर आरोप है कि उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम और मुंबई बम ब्लास्ट के आरोपियों के साथ जमीन का सौदा किया है. नवाब मलिक की ओर से उनके वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट में दलील दी कि यह मामला 1992 का है. इसे इतने सालों बाद अब जांच का विषय बनाना कहां तक ठीक है? इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में वह दखल नहीं दे सकता कि जांच क्यों शुरू की जाए और कब शुरू की जाए? यह कहते हुए कोर्ट ने नवाब मलिक से निचली अदालत में जाने की सलाह दी और कहा कि वे वहां जाकर अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दें.

ईडी ने किया था गिरफ्तार, नवाब मलिक मुंबई के आर्थर रोड जेल में हैं फिलहाल

नवाब मलिक फिलहाल मुंबई के आर्थर रोड जेल में न्यायिक हिरासत में हैं. उन्हें ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार किया है. उनकी न्यायिक हिरासत 18 अप्रैल को खत्म हो गई थी. ईडी ने फिर उन्हें 18 अप्रैल को विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया था. कोर्ट ने एक बार फिर उन्हें 22 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा है. सुप्रीम कोर्ट में अपील करने से पहले नवाब मलिक ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और तुरंत रिहाई की मांग की थी. नवाब मलिक ने कहा था कि उन पर राजनीतिक बदले के तहत कार्रवाई की गई है. हाई कोर्ट ने उनकी अपील ठुकराते हुए कहा था कि उनकी गिरफ्तारी सिर्फ इसलिए गलत नहीं कही जा सकती कि वह उनके फेवर में नहीं है.

दाउद इब्राहिम और मुंबई बम ब्लास्ट से संबंधित लोगों से जमीन का सौदा नवाब को महंगा पड़ा

नवाब मलिक पर विधानसभा में विपक्षी नेता देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया था कि उन्होंने कुर्ला में 300 करोड़ की जमीन का सौदा सिर्फ 30 लाख रुपए में दाउद इब्राहिम और मुंबई बम ब्लास्ट से संबंधित शाह वली खान और सलीम पटेल के साथ किया. बदले में 55 लाख रुपए दाउद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर के अकाउंट में ट्रांसफर किए गए. जमीन की मालकिन मुनीरा प्लंबर को एक पैसा नहीं दिया गया. उनपर दबाव डालते हुए दाउद के लोगों को पॉवर ऑफ अटॉर्नी ट्रांसफर करवाई गई और नवाब मलिक ने जमीन हथिया ली. फडणवीस का दावा है कि इस सौदे के बाद मुंबई में तीन बम धमाके हुए. यानी इस सौदे से कमाए पैसे डी कंपनी ने टेरर फंडिंग के लिए इस्तेमाल में लाए.

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