महामारी से निकलने के लिये कोई ‘कोविड टैक्स’ नहीं, खर्च बढ़ाकर ग्रोथ को देंगे रफ्तार: वित्त मंत्री

Nirmala Sitharaman

वित्त मंत्री (Finance Minister) ने मंगलवार को साफ कर दिया है कि सरकार भारतीय अर्थव्यवस्था (Economy) को महामारी के असर से बाहर निकालने के लिये लोगों पर कोई टैक्स का बोझ नही डालेगी. अमेरिका के दौरे पर पहुंची वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वाशिंगटन में अटलांटिक काउंसिल के द्वारा आयोजित एक समारोह में कहा कि सरकार ने पहले ही तय कर लिया था कि हम महामारी के असर से अर्थव्यवस्था को बाहर निकालने के लिये टैक्स नहीं बढ़ाएंगे. अर्थव्यवस्था को मदद करने के लिये जो भी आय होगी वो लोगों की जेब से नहीं निकाली जाएगी इसी वजह से देश में किसी तरह का कोई कोविड (Covid) टैक्स नहीं लगाया गया है.

सरकार का खर्च बढ़ाकर ग्रोथ तेज करने पर फोकस

वित्त मंत्री ने कहा कि महामारी के दौरान हमें इस बात का अहसास हुआ कि अर्थव्यवस्था की रिकवरी के दौरान सरकारी कदमों का ज्यादा से ज्यादा फायदा पाने के लिये इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में पैसे लगाना सबसे अच्छा विकल्प होगा. इसलिये कैपिटल एक्सपेंडिचर हमारे लिये रिकवरी की राह है, अब हम एक एक या दो नहीं पूरे 75 डिजिटल बैंक स्थापित करने जा रहे हैं. बजट में वित्त मंत्री ने कैपिटल एक्सपेंडिचर में 35.4 प्रतिशत की बढ़त का ऐलान किया था. बढ़त के साथ सरकार के द्वारा खर्च की जाने वाली रकम का आंकड़ा बढ़ कर 7.5 लाख करोड़ रुपये हो गया. बजट के बाद वित्त मंत्री ने कहा था कि खर्च बढ़ाने से इसका प्रभाव आने वाले समय मे कई गुना होकर निकलेगा, जिससे सभी को आय के अवसर मिलेंगे और इससे सरकार की आय भी बढ़ाई जा सकेगी. इसके साथ ही सरकार ने कहा था कि हर एक रुपये का खर्च अगले 2 से 3 साल में जीडीपी में 2-3 रुपये के बढ़त के रूप में दिखेंगे.

आईएमएफ ने घटाया ग्रोथ का अनुमान

वित्त मंत्री की अमेरिका यात्रा के दौरान ही आईएमएफ ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओ को लेकर अपने अनुमान जारी किये हैं. और भारत के लिये अपना ग्रोथ अनुमान घटा दिया है. आज दी गई जानकारी के अनुसार मौजूदा वित्त वर्ष के लिये भारत का ग्रोथ अनुमान 80 बेस प्वाइंट घटा कर 8.2 प्रतिशत कर दिया है. इस साल के लिये वैश्विक अर्थव्यवस्था की ग्रोथ का अनुमान घटा कर 3.6 प्रतिशत कर दिया. भारत और जापान के अनुमानों में ज्यादा कटौती की गई है, जापान का ग्रोथ अनुमान 90 बेस प्वाइंट घटा दिया गया है. कटौती के बावजूद अनुमानों के अनुसार भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था होगा. आईएमएफ के अनुमान के अनुसार चीन की ग्रोथ 5 प्रतिशत से नीचे रह सकती है.

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