महंगे तेल से राहत दे रहा पुराना दोस्त, इसलिए नहीं बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के भाव, जानिए आपके शहर में आज क्या रेट है?

Petrol Rate today

आज भी पेट्रोल-डीजल की कीमत (Petrol-Diesel Price) में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है. एक तरफ इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल (Crude oil price) का भाव बढ़ रहा है. इस समय यह 123 डॉलर के स्तर पर पहुंच चुका है. इसके बावजूद अपने देश में पेट्रोल और डीजल का भाव नहीं बदल रहा है तो इसमें रूस का बड़ा योगदान है. रूस 30 परसेंट डिस्काउंट पर अपना तेल दुनिया को बेच रहा है. भारत इसका फायदा उठा रहा हैं और रूस से बड़े पैमाने पर आयात किया जा रहा है. नतीजन रूस भारत का दूसरा सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है. उसने सऊदी अरब को पीछे छोड़ दिया है. पहले नंबर पर इराक है.

राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल के दाम 96.72 रुपए और डीजल के दाम 89.62 रुपए प्रति लीटर हैं. मुंबई में पेट्रोल 111.35 रुपए और डीजल 97.28 रुपए प्रति लीटर के रेट पर बिक रहा है. उधर, चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल के दाम 102.63 रुपए और डीजल के दाम 94.24 रुपए हैं. इसके अलावा कोलकाता में आज पेट्रोल का भाव 106.03 रुपए और डीजल का भाव 92.76 रुपए प्रति लीटर है. देश के 4 महानगरों में पेट्रोल-डीजल के मौजूदा दामों में तुलना करें तो मुंबई में तेल की कीमतें सबसे ज्यादा हैं तो दिल्ली में पेट्रोल और डीजल के दाम सबसे कम हैं.

मई में भारत ने रूस से 16 फीसदी तेल आयात किया

उद्योग के आंकड़ों से पता चलता है कि यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine crisis) के बाद भारी छूट पर उपलब्ध रूसी कच्चे तेल को देश की रिफाइनिंग कंपनियों ने खरीदना शुरू कर दिया है. भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों ने मई में लगभग 2.5 करोड़ बैरल रूसी कच्चा तेल खरीदा था. यह भारत के कुल कच्चा तेल आयात का 16 फीसदी बैठता है. अप्रैल में पहली बार भारत के समुद्र के रास्ते कुल कच्चा तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी 5 फीसदी पर पहुंची थी. आंकड़ों के अनुसार बीते साल यानी 2021 और 2022 की पहली तिमाही में यह एक फीसदी से भी कम थी. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है.

इराक से सबसे ज्यादा तेल खरीदता है भारत

इराक मई में भारत का शीर्ष आपूर्तिकर्ता देश बना रहा और सऊदी अरब अब तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है. भारत ने ऐसे समय में रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ाने के लिए छूट का लाभ उठाया है जब वैश्विक ऊर्जा की कीमतें बढ़ रही हैं. भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी तेल आयात करता है. भारत अपनी जरूरत का 27 फीसदी तेल इराक से, 17 फीसदी सऊदी अरब से और 13 फीसदी UAE से आयात करता था. हालांकि, रूस ने अब सऊदी अरब की जगह ले ली है.

Similar Posts