मध्य प्रदेश सरकार से नाराज चल रहे सैकड़ों पेंशनर्स ने नर्मदा में किया जल सत्याग्रह, पंचायत चुनाव के बहिष्कार की घोषणा

Pensioner

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर जिले में मध्य प्रदेश सरकार पर पेंशनरों ने वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए संस्कारधानी के उमाघाट पर जल सत्याग्रह किया. जहां करीब दो घंटे चले प्रदर्शन के दौरान पेंशनरों ने मध्य प्रदेश की बीजेपी शासित शिवराज सरकार और छत्तीसगढ़ कि भूपेश बघेल सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच सहमति नहीं बनने से उन्हें महंगाई राहत भत्ता नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में प्रदर्शन कर रहे हैं पेंशनरों ने 17 प्रतिशत राहत रकम का भुगतान तत्काल कराने की मांग को लेकर जबलपुर संभागायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा है.

दरअसल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री सहित राज्य की बीजेपी सरकारों से नाराज चल रहे पेंशनरों ने ग्वारीघाट स्थित नर्मदा तट पहुंच कर जल में आधा डूब सत्याग्रह शुरू कर दिया है. पेंशनर्स का आरोप है कि सीनियर सिटीजन मानने के बाद भी उन्हें आर्थिक, मानसिक और सामाजिक रुप से परेशान करने में मध्य प्रदेश की बीजेपी और छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार कोई कोर – कसर नहीं छोड़ रही है. इसलिए अब नगरीय निकाय और त्रि -स्तरीय पंचायत राज चुनाव में पेंशनर के घर वोट मांगने बीजेपी और कांग्रेस पार्टी वाले न आएं. यदि फिर भी आते हैं तो आने से पहले इस बात का ख्याल कर लें कि यह पेंशनर का घर है यहां जाएं या न जाएं. चाहे पंच हो या सरपंच या और जिला पंचायत सदस्य अथवा मेयर – अध्यक्ष या पार्षद किसी को भी पेंशनर से उसका वोट मांगने अधिकार नहीं बचा है.

ग्वारीघाट में पेंशनरों ने किया जल सत्याग्रह

इस दौरान नर्मदा में जल सत्यागृह कर रहे पेंशनर्स का कहना है कि इसलिए कांग्रेस और बीजेपी के लोग अपना समय खराब नहीं करें. पेंशनरों का आरोप है कि वर्तमान में केंद्र सरकार और अनेक राज्य सरकारों ने अपने पेंशनर्स को महंगाई राहत प्रदान की जा रही है. जहां मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में शांति पूर्वक आंदोलन के बाद भी सरकारें बात सुन कर भी टाल रहीं हैं. ऐसे में मध्य प्रदेश की बीजेपी और छत्तीसगढ़ की कांग्रेसी सरकार की इस नूरा कुश्ती ने पेंशनर्स को परेशान कर रखा है. जहां पर लाखों पेंशनर को 34 प्रतिशत की बजाए मात्र 17 प्रतिशत महंगाई राहत प्रदान की जा रही है.

पेंशनरों ने सरकार को दी चेतावनी

वहीं, पेंशनरों ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द मध्य प्रदेश सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार मिलकर कोई ठोस कदम नहीं उठाती हैं तो आने वाले दिनों में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इसका असर दोनों सरकारों को देखने को मिलेगा. इसके साथ ही आने वाले में दिनों में यह प्रदर्शन तेजी से अपना विस्तार रूप लेगा होगा. जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी.

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