मछली पालकों को केंद्र की सब्सिडी का नहीं करना होगा इंतजार, देरी पर राज्य सरकार देगी यह सुविधा

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को सफल बनाने के लिए हरियाणा सरकार की नई पहल, सिरसा जिले में मछलीपालकों के लिए बनाई जाएगी टेस्टिंग लैब. सोलर प्लॉट लगाने के लिए 2 लाख रुपये तक की मदद देगी राज्य सरकार.

मछलीपालकों के लिए राहत की खबर.

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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मत्स्य पालक किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केंद्र सरकार से आने वाली सब्सिडी में अगर देरी होती है. तो वह सब्सिडी हरियाणा सरकार एडवांस में देगी. इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने सिरसा जिले के मछली पालकों के लिए सिरसा में ही मछलीपालन से संबंधित टेस्टिंग लैब स्थापित करने की घोषणा की है. इससे यहां के झींगा मछली पालकों को सीधे लाभ होगा.

इससे पहले यहां के मछली पालक रोहतक जाकर लैब टेस्टिंग की सुविधा लेनी पड़ती थी. मुख्यमंत्री सोमवार को सिरसा जिले के चोरमार खेड़ा गांव में आयोजित झींगा किसानों की कार्यशाला में बोल रहे थे.

मछली पाल किसानों को उपलब्ध कराया जायेगा क्रेडिट कार्ड

इसके साथ-साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मछली की खरीद व बिक्री के लिए झज्जर या गुरुग्राम में से किसी एक जिले में थोक मछली मार्केट स्थापित करने की घोषणा की उन्होंने कहा कि इससे किसानों को आर्थिक तरक्की में लाभ मिलेगा. सरकार किसान क्रेडिट कार्ड की तरह मछली पाल किसानों को क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध करवा रही है. इसी प्रकार मछली पालन में बीमा करने के लिए भी सरकार बैंक व बीमा कंपनियों से बातचीत कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मछली पालन में बिजली खपत एक बड़ा विषय है. फिलहाल सरकार जिन किसानों की खपत 20 किलोवाट है, उन्हें 4.75 प्रति यूनिट दर पर बिजली उपलब्ध करवा रही है. मछली पालक अपने प्लॉट पर सोलर प्लॉट भी लगा सकते हैं.इसके लिए उन्हें प्रति हार्स पावर 20 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है.जो अधिकतम 2 लाख रुपये तक हो सकती है.

भिवानी में बनेगा एक्वापॉर्क

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भिवानी जिले के गरवा गांव में 30 करोड़ रुपये की लागत से एक्वापार्क बनाया जाएगा. यह एक्वापार्क 25 एकड़ में होगा. इसमें मछली पालन से जुड़े नए-नए शोध, मछली पालन की नई किस्म, बीज पर शोध किया जाएगा. इससे मछली पालकों को सीधे लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मिलने वाला लाभ अगले तीन वर्ष तक मिलेगा. झींगा बड़ी मात्रा में एक्सपोर्ट किया जाता है. इससे विदेशी मुद्रा देश में आती है जो भारत की आर्थिक तरक्की के लिए महत्वपूर्ण है. इस तरह के प्रकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 ट्रिलियन इकनॉमी के सपने को पूरा करने में अपना योगदान देगा. भारत इसके लिए मछली पालन से जुड़ी नई-नई तकनीक पर कार्य कर रहा है.

सांसद सुनीता दुग्गल क्या है कहना

सिरसा की सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि तीन दिन से मुख्यमंत्री सिरसा में हैं.और जन संवाद कार्यक्रम के दौरान जितने भी फरियादी आए, मुख्यमंत्री ने सभी की सुनवाई की और समस्याओं का समाधान किया. सिरसा जिले के किसानों को झींगा उत्पादन का लाभ मिलने वाला है. सेम की भूमि पर इस तरह मछली पालन कर मुनाफा लेना किसानों के लिए बेहतर विकल्प है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के साथ-साथ हरियाणा सरकार भी सहयोग कर रही है. दुग्गल ने किसानों से आह्वान किया कि वे आगे बढ़ें सरकार उनके साथ है. झींगा उत्पादन से सेम की धरती अब सोना उगलेगी.

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने सिरसा जिले के मिठड़ी गांव में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की लाभार्थी वीरपाल कौर के झींगा उत्पादन प्लॉट का अवलोकन किया. इस दौरान मत्स्य विभाग के विशेष सचिव जयवीर सिंह आर्य, जिला उपायुक्त पार्थ गुप्ता, पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन, निदेशक धर्मेंद्र सिंह, संयुक्त निदेशक पवन कुमार, ईश्वर सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

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