भीषण गर्मी से पशु भी परेशान, किसान लू से ऐसे करें उनका बचाव!

Cow

मई का महीना शुरू होने में अभी समय है, लेकिन इन दिनों गर्मी अपने पूरे तेवर दिखा रही है. आलम यह है कि दिन में धूप और लू (Heat Wave) ने आम लोगों के जन जीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया हैं. इस वजह से लोगों का दिन में बाहर निकलना ही मुश्किल हो गया है. वहीं इस गर्मी की वजह से जायद की फसलें भी सूख गई हैं. जबकि गर्मी के इस सितम से पशु (Animal) भी परेशान हैं. सबसे अधिक परेशानियां उन पशुओं को हो रही है, जो चरने के लिए खुले खेतों पर आश्रित हैं. इस वजह से पशु भी लू का शिकार हो रहे हैं. आईए समझते हैं कि किसान (Farmer’s) भाई कैसे जान सकते हैं कि उनके पशु को लू लग गई है और पशु को लू से बचाने के लिए किसान भाई क्या-क्या प्रभावी कदम उठा सकते हैं.

अगर पशु में दिख रहे हैं यह लक्षण तो समझिए कि उसे लग गई है लू

देश के अधिकांश में हिस्सों में पड़ रही गर्मी के सितम को देखते हुए पशुपालन विभाग ने पशुओं के बचाव के लिए एडवायजरी जारी की है. जिसमें पशुओं को लू से बचाव के साथ ही लू के लक्षणों की जानकारी दी गई है. एडवाजरी के मुताबिक अगर किसी किसान भाई के पशु को तीव्र ज्वर है तो समझ लेना चाहिए कि पशु लू का शिकार हो गया है. इसके साथ ही पशु का मुंह खोल कर बार-बार हॉफना, मुंह से लार गिराना, पशु में बैचेनी और उसकी क्रियाशीलता में कमी, भूख में कमी और पानी अधिक पीना, पेशाब कम होना या बंद हो जाना, पशु की धड़कन तेज होना जैसी स्थित लू के लक्षण हैं.

किसान यह 7 उपाय अपनाकर पशुओं को लू लगने से बचा सकते हैं

गर्मी अपने चरम पर है, आने वाले दिनों में तापमान अभी ओर अधिक बढ़ेगा. इसमें गर्मी की वजह से पशुओं की मुश्किलें और बढ़ेगी.हालांकि किसान 7 प्रभावी उपाय अपनाकर पशुओं को लू से बचा सकते हैं. आईए जानते हैं कि यह 7 प्रभावी उपाय कौन-कौन से हैं.

  1. पशुओं को हवादार पशुगृह या पेड़ों के नीचे ही बांधे, कुल मिलाकर पशुओं को ऐसी जगह रखें जहां उन पर सीधी धूप ना पड़ती हो.
  2. पशुगृह को ठंडा रखने के लिए उसकी दीवारों पर जूट की टाट लटकाई जा सकती है. इसमें समय- समय पर पानी का छिड़काव कर गर्म हवा को अंदर आने से रोका जा सकता है.
  3. पशुगृह में पंखे या कूलर का प्रयोग कर उसे ठंडा बनाए रखना चाहिए.
  4. गर्मी की वजह से पानी की कमी ना हो, इस बात को ध्यान में रखते हुए दिन में कम से कम 4 चार पशुओं को ठंडा पानी दिया जाना चाहिए.
  5. पशु विशेषकर भैंस को दिन में दो बार नहालकर उन्हें लू लगने से बचाया जा सकता है.
  6. पशुओं को चराई के लिए सुबह जल्दी और शाम को देरी से भेजना चाहिए.
  7. गर्मी में पशुओं के शरीर में संतुलित भोजन की कमी ना हो, उसके लिए उन्हें गेहूं की चोकर दी जा सकती है.

पशुओं को लू लगी गई है तो यह उपचार

गर्मी के इस तेवर में अगर किसी पशु को लू लग गई है, तो किसान भाई उपचार के लिए कुछ प्रभावी उपाय अपना सकते हैं. बिहार पशुपालन विभाग की तरफ से उपचार के यह उपाय साझा किए गए हैं. जिसके तहत पशुओं को लू लगने पर किसान को सर्वप्रथम पशुओं को ठंडे स्थान पर रखना चाहिए, किसान पशुओं को पानी से भरे गड्डे में रखकर उन पर ठंडे पानी का छिड़काव कर सकते हैं. साथ ही संभव हुआ तो उनके शरीर पर बर्फ या एल्कोहल का रगड़ना प्रभावी उपचार है. इसी तरह पशुओं को पुदीने और प्याज में बना अर्क देना प्रभावी है. जबकि ठंडे पानी में तैयार चीनी, भुने हुए जौ और नमक का मिश्रण पिलाना भी लू से बचाव का एक प्रभावी उपाय है. अगर इसके बाद भी पशु को आराम नहीं मिलता तो किसानों को नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

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