भारत में राइस ब्रैन ऑयल की डिमांड में बड़ा इजाफा, देश में खाद्य तेल की किल्लत वजह

Edible Oil

भारत में राइस ब्रैन (Rice Bran) सबसे लोकप्रिय कमोडिटी बन गई है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके पीछे वजह है कि देश में वैश्विक सप्लाई चैन (Supply Chain) में रूकावटों की वजह से खाद्य तेल (Edible Oil) की किल्लत हो रही है. भारत दुनिया में खाद्य तेल का सबसे ज्यादा आयात (Import) करने वाला देश है. राइस ब्रैन ऑयल को चावल के छिलकों से निकाला जाता है. इसे पहले पशुओं के चारे में इस्तेमाल किया जाता था. हाल के सालों में, तेल की मिलों ने चावल से इस तेल को निकालना शुरू किया है. यह स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने वाले ग्राहकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है. हालांकि, खाने के तेल के मुकाबले ज्यादा महंगा होता है.

खाने के तेल की कीमतों में क्यों आई तेजी?

रिपोर्ट के मुताबिक, राइस ब्रैन ऑयल भारत में कुल खाने की तेल की खपत का छोटा हिस्सा है. लेकिन ये खाने के तेलों के बीच सबसे तेजी से बढ़ते प्रोडक्ट्स में से एक है. इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि डिमांड को पूरा करने के लिए उत्पादन और आयात में बढ़ोतरी की जा सकती है.

खाने के तेल की कीमतों में हाल ही में आई तेजी के पीछे वजह इंडोनेशिया का पाम ऑयल के निर्यात पर प्रतिबंध है. इसके अलावा यूक्रेन से सनफ्लावर ऑयल की शिपमेंट में रूकावट आ रही है. इन दोनों के कारण राइस ब्रैन ऑयल की मांग तेजी के साथ बढ़ी है. इसका स्वाद सनफ्लावर ऑयल के समान होता है.

स्वास्थ्य से जुड़े फायदों के कारण राइस ब्रैन की बढ़ी लोकप्रियता

यूक्रेन से सनफ्लावर ऑयल के आयात में गिरावट होने के साथ, ग्राहकों ने इसकी जगह राइस ब्रैन ऑयल का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. भारत आम तौर पर अपनी सनफ्लावर ऑयल की जरूरतों का दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा यूक्रेन के जरिए पूरा करता है.

रॉयटर्स के मुताबिक, मुंबई में रहने वाली एक गृहिणी अदिति शर्मा ने बताया कि कोरोना महामारी की वजह से, वे स्वास्थ्य के लिए ज्यादा बेहतर खाने के विकल्पों की तलाश कर रही थीं. उन्होंने सबसे पहले हेल्थ बेनेफिट्स के लिए करीब छह महीने पहले राइस ब्रैन ऑयल का इस्तेमाल किया था. और उस समय से वे इस्तेमाल कर रही हैं.

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