भाजपा खट्टर सरकार के मंत्री जनता के सेवक बनकर लोगों का काम, आदर करने के दावे मीडिया के सामने करते है और यर्थाथ में आमजनों की सेवा करना तो दूर, जायज शिकायत उठाने वाले आमजनों को धक्के मारकर पुलिस से बाहर करवाते है- विद्रोही

13 मई 2022 : स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि एक ओर भाजपा खट्टर सरकार के मंत्री जनता के सेवक बनकर लोगों का काम, आदर करने के दावे मीडिया के सामने करते है और यर्थाथ में आमजनों की सेवा करना तो दूर, जायज शिकायत उठाने वाले आमजनों को धक्के मारकर पुलिस से बाहर करवाते है। विद्रोही ने कहा कि गुरूवार को रेवाडी में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री औमप्रकाश यादव की अध्यक्षता में हुई जिला कष्ट निवारण समिति में जिस तरह एक शिकायतकर्ता को मंत्री व सभी अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने पर पुलिस द्वारा धक्के मारकर बाहर निकाला गया, उससे मंत्री व जिला उपायुक्त की जनसेवक बनकर लोगों की सेवा करने के दावे की पोल सरेआम खुल गई। जब लोगों की शिकायत सुनकर उनका समाधान करने की संवैद्यानिक रूप से बनी जिला कष्ट निवारण समिति में भी लोगों की शिकायते सुनकर उन्हे संतुष्ट करके समधान करने की बजाय धक्के मारकर पुलिस से बाहर फिकवाया जायेगा तो ऐसी बैठकों का औचित्य ही क्या है?
विद्रोही ने कहा कि जिला कष्ट निवारण समितियों में पहले तो गंभीर शिकायते रखी ही नही जाती। हल्की-फुल्की अधिकांश वे शिकायते रखी जाती है, जिनका पहले हीे समाधान हो चुका होता है और कुछ शिकायतों पर सुनवाई की नौटंकी भी होती है तो वह इतनी हास्यास्पद व भौंडी होती जो शिकायत समाधान करके न्याय देना कम अपितु अन्याय करके पीडित के जख्मों पर नमक छिडकने वाली होती है। जिला कष्ट निवारण समितियों में न तो अधिकारी गंभीरता से सम्बन्धित शिकायतों के बारे में ध्यान देते है और न ही मामले की पूरी जानकारी लेकर बैठकों में आते है। समाधान के नाम पर पीडित के साथ मजाक किया जाता है और कोई पीडित अपनी बात फिर भी रखता है तो उसका समाधान करने की बजाय उसे अपमानित करके भगाया जाता है।
विद्रोही ने कहा कि जब कष्ट निवारण समिति की बैठके ही खानापूर्ति बन जाये तो ऐसी बैठकों के नाम पर व्यर्थ का सरकारी पैसा व संसाधन क्यों बर्बाद किये जाते हैै। लोगों की बात तो नही सुनी जाती पर सम्बन्धित मंत्री व जिला उपायुक्त बयान बहादुर बनकर मीडिया के सामने जनसेवक बनकर कार्य करने का उपदेश झाडते है पर उनकी करनी एकदम विपरित होती है। गुरूवार को रेवाडी जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक कार्यवाही इसका उदाहरण है कि कैसे लोगों की शिकायतों के नाम पर मजाक किया जाता है। विद्रोही ने भाजपा सरकार के मंत्रीयों व प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि वे बयान बहादुर बनकर मीडिया के सामने लम्बे-चौड़े दावे करने की बजाय अपनी कथनी-करनी एक करे। लोगों की शिकायतों का समाधान करे या न करे तो कम से कम शिकायतकर्ता को पुलिस से धक्के मारकर तो बाहर न निकाले।

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