बोचहां में शिकस्त के बाद बिहार बीजेपी में रार, सुशील मोदी ने पार्टी पर फोड़ा हार का ठीकरा, शाह के दौरे से पहले बयानबाजी क्यों ?

sushil modi

बोचहां विधानसभा उपचुनाव (Bochaha By Election ) में बीजेपी की करारी हार के बाद विपक्ष बीजेपी पर हमलावर है. एनडीए में शामिल बीजेपी की सहयोगी दल भी हार के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहरा रही है. जेडीयू ने भी कहा है कि बीजेपी हार के कारणों पर मंथन करे और अब बीजेपी के अंदर से ही आवाज उठने लगे हैं. बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता, पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद सुशील मोदी (Sushil modi ) ने एक के बाद एक चार ट्वीट कर बोचहां में बीजेपी की हार पर सवाल खड़े किए हैं. सुशील मोदी ने ट्वीट के जरिए यह कहने की कोशिश की है कि भूमिहार और अतिपिछड़ा जो बीजेपी की कोर वोट बैंक हैं वो उनसे नाराज है.
बुधवार को एनडीए की घटक दल जीतनराम मांझी की पार्टी हम ने बोचहां चुनाव में समन्वय नहीं होने की बात कही थी और को-ओडिनेशन कमेटी बनाने की मांग की थी.जेडीयू ने भी कोडिनेशन का अभाव बताया था. और
अब सुशील मोदी भी जेडीयू के सुर में सुर मिला रहे हैं

अपनी ही पार्टी पर हमलावर हैं छोटे मोदी

सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा कि बोचहां चुनाव में NDA के दलों में तालमेल नहीं था, इसीलिए मजबूत कैंडिडेट होने के बाद भी बीजेपी दूसरे स्थान पर रही. सुशील मोदी कहा- बिहार विधान परिषद की 24 सीटों पर चुनाव और विधानसभा की बोचहा सीट पर उपचुनाव में एनडीए के घटक दलों के बीच 2019 जैसा तालमेल क्यों नहीं रहा, इसकी भी समीक्षा होगी. अगले संसदीय और विधानसभा चुनाव में अभी इतना वक्त है कि हम सारी कमजोरियों और शिकायतों को दूर कर सकें

‘आधार वोट खिसकना चिंता का विषय’

इसके साथ उन्होंने तीन और ट्वीट किए-बोचहा विधानसभा क्षेत्र की एक-एक पंचायत में एनडीए विधायकों-मंत्रियों ने जनता से सम्पर्क किया था। पूरी ताकत लगायी गई थी. सरकार ने भी सभी वर्गों के विकास के लिए काम किये और सबका विश्वास जीतने की कोशिश की.इसके बाद भी एनडीए के मजबूत जनाधार अतिपिछड़ा वर्ग और सवर्ण समाज के एक वर्ग का वोट खिसक जाना अप्रत्याशित था.

नाराजगी की होगी समीक्षा-मोदी

इसके बाद सुशील मोदी ने फिर ट्वीट कियाइसके पीछे क्या नाराजगी थी, इस पर एनडीए अवश्य मंथन करेगा।
बिहार विधान परिषद की 24 सीटों पर चुनाव और विधानसभा की बोचहा सीट पर उपचुनाव में एनडीए के घटक दलों के बीच 2019 जैसा तालमेल क्यों नहीं रहा, इसकी भी समीक्षा होगी.

‘2019 वाली तालमेल क्यों नहीं’

इसके बाद उन्होंने एक ओर ट्वीट कर कहा कि वर्ष 2019 के संसदीय चुनाव में एनडीए के घटक दलों ने पूरे तालमेल से एक-दूसरे को जिताने के लिए मेहनत की थी, जिससे हमारा स्ट्राइक रेट अधिकतम था.गठबंधन के खाते में राज्य की 40 में से 39 सीटें आयी थीं, जबकि आरजेडी सीटें हार गई थी.

बिहार में चाहते हैं प्रभावी भूमिका !

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सुशील मोदी एक बार फिर बिहार की राजनीति में सक्रिय होना चाहते हैं. वह बिहार बीजेपी में अपनी प्रभावी भूमिका में रहना चाह रहे हैं. यहां अभी बीजेपी के अध्यक्ष संजय जायसवाल है. संजय जाययसवाल को नित्यानंद राय और बिहार बीजेपी प्रभारी भूपेंद्र यादव का समर्थन है. कहा तो यह भी जा रहा है कि नीतीश कुमार के बाद नित्यानंद राय को बीजेपी सीएम बना सकती है. बिहार विधानसभा में जेडीयू से ज्यादा सीट जीतने के बाद बीजेपी बड़े भाई की भूमिका में आना चाह रही है. यही वजह है कि बीजेपी नेता नीतीश कुमार को निशाना बनाने से भी नहीं चूक रहे हैं. इधर अमित शाह के दौरे से पहले सुशील मोदी का अपनी पार्टी पर सवाल उठाना बिहार में अपनी मौजूदगी दर्शाने के तौर पर देखा जा रहा है.

नीतीश को भी सुशील मोदी पसंद हैं!

दरअसल बिहार में जब सुशील मोदी नीतीश सरकार में उपमुख्यमंत्री थे तब बीजेपी नेता नीतीश कुमार के खिलाफ कुछ नहीं बोल पाते थे, लेकिन केन्द्र में भेजे जाने के बाद सुशील मोदी कमजोर पड़ गए और अब वह अपनी पुरानी जगह पाने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं. सुशील मोदी की सुगबुगाहट की आहट नीतीश कुमार की इफ्तार पार्टी के दिन से आनी लगी थी.

इफ्तार के दिन से शुरू हुई सुगबुगाहट

नीतीश कुमार ने इफ्तार पार्टी में अपने बाएं बैठे सुशील मोदी के कान में कुछ कहा था. जिसके बाद बिहार की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गरम हो गया. कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार भी चाहते हैं कि सुशील मोदी को बिहार की राजनीति में वापस लाया जाय,तांकि दोनों दलों के बीच वह समन्वय बन सके जो पिछली सरकारों में थी.

‘बोचहां में बीजेपी नहीं एनडीए की हार हुई’

इधर बीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि बोचहां की हार बीजेपी की हार नहीं है बल्कि यह एनडीए की हार है. बीजेपी प्रवक्ता डॉ रामसागर सिंह ने कहा है बोचहां में कहां रणनीतिक चूक हुई है. हम अपनी बातों को लोगों तक पहुंचाने में क्यों कामयाब नहीं हुए इस पर एनडीए और नीतीश कुमार समीक्षा करेगी

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