बिहार: शराब तस्कर की मौत के बाद भीड़ का थाने पर हमला, दो SHO समेत 7 पुलिसकर्मी घायल

एसपी ने बताया कि प्रमोद सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. साथ ही पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.

पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज. (सांकेतिक तस्वीर)

बिहार के कटिहार जिले में कथित तौर पर हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के कुछ घंटों बाद ग्रामीणों के समूह ने एक पुलिस थाने पर हमला कर दिया, जिसमें दो थाना प्रभारी (एसएचओ) सहित सात पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्होंने बताया कि प्रमोद कुमार सिंह (40) के हवालात में मृत पाए जाने के बाद सैकड़ों ग्रामीणों ने प्राणपुर थाने में हंगामा किया और परिसर में खड़े वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया. शराब की बोतलें मिलने के बाद प्रमोद सिंह को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि दो घायल एसएचओ में प्राणपुर थाने के मनीतोष कुमार और दंडकोहरा थाने के शैलेश कुमार शामिल हैं. कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक (एसपी) दया शंकर ने बताया कि सभी घायल पुलिसकर्मियों को कटिहार के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और हमारी टीम इलाके में तैनात हैं.

भीड़ ने थाने पर किया हमला

एसपी ने दावा किया कि शव तब मिला जब पुलिस अधिकारी प्रमोद सिंह को अदालत में पेश करने के लिए दस्तावेज तैयार कर रहे थे. वहीं मौत की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने लाठियों और लोहे की रॉड से थाने पर हमला कर दिया और पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया. उन्होंने कहा कि पास के पुलिस थानों से अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को बुलाए जाने के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका.

एसएचओ सहित सात पुलिसकर्मी घायल

उन्होंने बताया कि घायल थाना प्रभारी शैलेश कुमार पुलिसकर्मियों की भेजी गई अतिरिक्त टीम में शामिल थे. दो एसएचओ सहित सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. एसपी ने बताया कि प्रमोद सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. साथ ही पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.

बिहार में शराब पर बैन

बिहार सरकार ने पांच अप्रैल 2016 को राज्य में शराब के उत्पादन, व्यापार, भंडारण, परिवहन, बिक्री, खपत पर प्रतिबंध लगा दिया और बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 का उल्लंघन करने वालों के लिए इसे दंडनीय अपराध बना दिया, जिसे अब तक कई बार संशोधित किया जा चुका है.

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इनपुट- भाषा

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