बाहुबली मुख्तार अंसारी और दाऊद की अवैध बिल्डिंग को बनाने वाले LDA के अफसरों पर गिरेगी गाज, शासन ने तलब की रिपोर्ट

Mukhtar Ansari

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में पूर्व विधायक और बाहुबली मुख्तार अंसारी, सांसद अफजल अंसारी और पूर्व सांसद दाऊद अहमद के अवैध भवन बनाने वाले एक दर्जन अफसरों और इंजीनियरों के खिलाफ राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath) एक्शन ले सकती है. माना जा रहा है कि इन अफसरों पर जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी. क्योंकि राज्य सरकार ने इस मामले में एलडीए (LDA) से रिपोर्ट मांगी है और इन अफसरों को चार्जशीट जारी करने के लिए अपर सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है. जो दोबारा जांच के बाद उनके खिलाफ चार्जशीट जारी करेगी. असल में इन बाहुबलियों के अवैध भवनों के निर्माण की जांच में कई अधिकारी और इंजीनियर दोषी पाए गए थे. लेकिन इस बार शासन सख्त है.

जानकारी के मुताबिक तत्कालीन एलडीए उपाध्यक्ष अभिषेक प्रकाश ने उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को रिपोर्ट भेजी थी लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इस मामले में अब प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने सभी को आरोप पत्र जमा करने का निर्देश दिये हैं और इसको लेकर एलडीए से पूरी रिपोर्ट मांगी गई है. फिलहाल जांच के बाद चार्जशीट तैयार करने की जिम्मेदारी एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा को दी गई है और इस समिति में अधीक्षण अभियंता अवधेश तिवारी को भी शामिल किया गया है. बताया जा रहा है कि मुख्तार अंसारी की जिस जमीन पर बिल्डिंग बनी थी, वह राबिया बेगम के नाम थी और इस बिल्डिंग का नक्शा भी पास हो गया लेकिन नक्शा शुल्क जमा नहीं किया गया.

मुख्तार अंसारी की बिल्डिंग का नक्शा किया गया रद्द

असल में ये मामला सुर्खियों में आने और राज्य सरकार के एक्शन के बाद एलडीए ने मुख्तार अंसारी की बिल्डिंग का नक्शा 16 जुलाई 2020 को रद्द कर दिया गया था. एलडीए की जांच में इसके लिए तत्कालीन अधिशासी अभियंता राहुल श्रीवास्तव, आरके शर्मा, आरके अवस्थी को जिम्मेदार ठहराया गया है.

चीफ इंजीनियर भी मामले में दोषी

जानकारी के मुताबिक फरहत अंसारी के घर का नक्शा पास करने में एलडीए के तत्कालीन अधिशासी अभियंता, प्रवर्तन प्रकोष्ठ के प्रभारी और वर्तमान में नगर विकास के मुख्य अभियंता मनीष कुमार सिंह,जीएस वर्मा और सहायक अभियंता अनूप शर्मा को भी दोषी बनाया गया है. क्योंकि जिस जमीन पर मुख्तार का भवन बना था उसका नक्शा शुल्क जमा नहीं किया गया था और उसके बावजूद नक्शे को पास करा दिया गया और बिल्डिंग बनकर तैयार भी हो गई.

निलंबित आईएएस भी दोषी

मुख्तार और अफजल के बंगले का नक्शा पास करने में निलंबित आईएएस रामबिलास यादव को दोषी पाया गया है और उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उन्हें गुरुवार को 14 दिनों की हिरासत में भेज दिया है. जानकारी के मुताबिक रामविलास ने अफजल की पत्नी फरहत के बिल्डिंग मैप को मंजूरी दी थी. जबकि दाऊद अहमद के बिल्डिंग केस में रिटायर्ड आईएएस सतेंद्र सिंह यादव को दोषी पाया गया है.

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