बाराबंकी में सरयू खतरे के निशान से ऊपर, दर्जनों गांव में घुसा पानी, लोग पलायन को मजबूर

Saryu

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में घाघरा नदी (सरयू नदी) का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. बीते दिनों हुई भारी बारिश और नेपाल से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी की वजह से नदी के जलस्तर में इजाफा हो रहा है. जिले में घाघरा नदी इस समय 70 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. नदी का जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र के दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है. घरों में बाढ़ का पानी घुसने से लोग पलायन को मजबूर हो रहे हैं.

एडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि आज जिले में घाघरा नदी खतरे के निशान से 70 मीटर ऊपर चल रही है, जिससे कुछ गांव प्रभावित हुए हैं. इन लोगों को दूसरी जगह रखा गया है. उनके खाने-पीने की व्यवस्था कराई गई है. नाव की व्यवस्था कराई गई है, ताकि उनको किसी प्रकार की परेशानी न हो.

बाढ़ से पलायन को मजबूर ग्रामीण

बता दें कि बाराबंकी जिले में हर साल बारिश के मौसम में घाघरा नदी (सरयू नदी) की बाढ़ से लोगों को भारी समस्या होती है. नदी में बाढ़ से रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के तराई में बसे गांव में बाढ़ आ जाती है. इस दौरान बाराबंकी प्रशासन बाढ़ चौकी और राहत शिविर के जरिए बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास करता है. इस समय भी बाराबंकी जिले में बाढ़ के हालात बन रहे हैं. घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने से तराई क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है. घरों में पानी घुसने से ग्रामीण पलायन को मजबूर हो रहे हैं.

खतरे के निशान से ऊपर पहुंची घाघरा नदी

भारी बारिश और नेपाल से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी से घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है. यह जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है. रामनगर, सिरौलीगौसपुर, और रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांव में नदी का पानी घुस गया है. रामनगर तहसील क्षेत्र के संजय सेतु पुल के पास घाघरा नदी काफी विकराल रूप में दिख रही हैं. सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के तेलवारी, गोबरहा समेत आधा दर्जन गांवों के चारों ओर बाढ़ का पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो गया हैं. लोग अपने मवेशियों को लेकर परेशान हैं.

ग्रामीणों के लिए कराई जा रही खाने की व्यवस्था

वहीं रामसनेहीघाट क्षेत्र के बसंतपुर और पत्रा खजुरा, सेमरी समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं. घरों में नदी का पानी घुसने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोग प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में आसरा ले रहे हैं. एडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में घाघरा नदी खतरे के निशान से 70 मीटर ऊपर चल रही है. जिससे कुछ गांव प्रभावित हुए हैं. इन लोगों को दूसरी जगह रखा गया है. उनके खाने-पीने की व्यवस्था कराई गई है. साथ ही नाव की भी व्यवस्था कराई गई है, ताकि उनको किसी प्रकार की परेशानी न हो.

इनपुट-सरफराज वारसी