बांग्लादेश क्रिकेट ने खोए दो सितारे, एक रहा देश की पहली वनडे टीम का हिस्सा तो दूसरे के नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में है खास रिकॉर्ड

Mosharraf Hossain Passed Away

बांग्लादेश क्रिकेट (Bangladesh Cricket Team) को दो बड़े झटके लगे हैं. देश ने अपने दो पूर्व खिलाड़ियों को खो दिया है. बांग्लादेश की पहली वनडे टीम के सदस्य सामीउर रहमान (Samiur Rahman) और बाएं हाथ के पूर्व स्पिनर मुशर्रफ हुसैन (Mosharraf Hossain) का निधन हो गया है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने यह ट्वीट के माध्यम से इस बात की जानकारी दी.हुसैन का निधन 40 साल की उम्र में हुआ. वहीं रहमान 68 साल के थे. हुसैन के परिवार में पत्नी के अलावा एक बच्चा है.

बीसीबी ने ट्वीट किया, बीसीबी बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम के पूर्व खिलाड़ी मुशर्रफ हुसैन रूबेल के निधन पर शोक व्यक्त करता है. बाएं हाथ के इस स्पिनर ने दो दशक के अपने करियर के दौरान सभी प्रारूपों में 550 से अधिक विकेट हासिल किए. बीसीबी उनके निधन पर सहानुभूति और शोक जाहिर करता है.

बीसीबी ने किया हुसैन को याद

रहमान के निधन पर रखा गया मौन

बीसीबी ने 19 अप्रैल को ट्वीट करते हुए रहमान के निधन पर लिखा, “40वीं राष्ट्रीय नेशनल क्रिकेट चैंपियनशिप के मैच से पहले सामिउर रहमान सामी की याद में एक मिनट का मौन रखा गया. बांग्लादेश के पूर्व तेज गेंदबाज, बीसीबी अंपायर और मैच रैफरी का ढाका में आज सुबह निधन हो गया.”

रहमान की याद में रखा गया मौन

इस बीमारी से जूझ रहे हुसैन

वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार हुसैन मस्तिष्क के कैंसर से जूझ रहे थे. उन्हें मार्च 2019 में इस बीमारी का पता चला था. उपचार के बाद वह इस बीमारी से उबर गए थे लेकिन नवंबर 2020 में ट्यूमर दोबारा उभर आया. वेबसाइट के अनुसार हुसैन दो हफ्ते से अधिक समय से अस्पताल में थे लेकिन हाल में कीमोथेरेपी के बाद घर लौट आए थे. ढाका में 1981 में जन्मे हुसैन ने बांग्लादेश के लिए 2008 और 2016 के बीच पांच वनडे मैच खेले और इस दौरान चार विकेट हासिल किए.

हुसैन बांग्लादेश में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 3000 रन और 300 विकेट की उपलब्धि हासिल करने वाले सात क्रिकेटरों में से एक हैं. हुसैन को 2013 में बांग्लादेश प्रीमियर लीग के फाइनल में मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था.

रहमान को हुआ था ब्रेन ट्यूमर

वेबसाइट क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, रहमान को ब्रेन ट्यूमर हुआ था और हालात खराब होने के बाद उन्हें सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्होंने बांग्लादेश के लिए दो मैच खेले थे लेकिन विकेट नहीं ले सके थे. लेकिन वह देश की पहली वनडे टीम के खिलाड़ी के तौर पर याद किए जाते हैं. बांग्लादेश ने अपना पहला मैच 1986 में पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप में खेला था. उन्होंने अंपायर के तौर पर भी देश की क्रिकेट में योगदान दिया.

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