बढ़ती महंगाई और मजबूत डॉलर कर रहे Gold को कमजोर, जानिए कहां तक जाएगा भाव

Gold-silver price today

सदियों से महंगाई से बचाने वाला हेजिंग टूल यानी सोना अब अपनी चमक खो चुका है. हाल के दिनों में सोने की चाल ने सबको हैरत में डाल दिया है. दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही महंगाई के बाद भी सोने की कीमतों में उछाल नहीं आ रहा है. परंपरागत रूप से महंगाई बढ़ने पर सोने की कीमतें बढ़ती हैं. इससे महंगाई के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई हो जाती है. लेकिन इस बार ये ट्रेंड पूरी तरह से नदारद है.

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कमजोर मांग के कारण शुक्रवार को भारत में भी सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना अक्टूबर फ्यूचर 76 रुपए की गिरावट के साथ 49,236 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. हाजिर बाजार में भी सोना गुरुवार को 303 रुपए की गिरावट के साथ 50,290 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. दुनियाभर में पीली धातु की कीमत शुक्रवार को दो साल के निचले स्तर पर थी.

क्यों नहीं बढ़ रहे सोने के दाम

इस बार महंगाई बढ़ने से सोने को फायदा क्यों नहीं हो रहा है? इसकी वजह है डॉलर का मजबूत होना. अमेरिका में महंगाई दर 8.5 फीसदी तक पहुंचने से यूएस फेडरल रिजर्व लगातार ब्याज बढ़ा रहा है और अगले हफ्ते फिर से ब्याज दरों में बढ़ी बढ़ोतरी की आशंका मजबूत हो रही है. इससे डॉलर इंडेक्स मजबूत हो रहा है. डॉलर इंडेक्स डॉलर के मुकाबले अन्य मुद्राओं के प्रदर्शन को बताता है. हाल ही में डॉलर इंडेक्स ने 110 का स्तर पार किया है जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है. जून 2002 के बाद यह डॉलर इंडेक्स का सबसे ऊंचा स्तर है.

डॉलर में इतनी तेजी क्यों

आखिर डॉलर इतना मजबूत हो क्यों रहा है? इसकी वजह यह है कि मैक्रोइकोनॉमिक एनवायरमेंट में अनिश्चितता बढ़ गई है. महंगाई बढ़ने से मंदी गहराने की आशंका भी बढ़ रही है. चीन की विकास दर धीमी पड़ रही है और रूस-यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहे युद्ध के असर से निवेशक अपनी अन्य संपत्तियों को बेचकर डॉलर में निवेश कर रहे हैं. इसलिए सोना गिर रहा है और डॉलर मजबूत हो रहा है. ट्रेडबुल सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी एनालिस्ट भाविक पटेल का कहना है कि अगले हफ्ते अमेरिका में फेडरल ओपन मार्केट कमेटी ब्याज दरों को लेकर 21 सितंबर को घोषणा करेगी. तब तक सोने की कीमतों पर दबाव बना रहेगा.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

एंजल वन में नॉन-एग्री कमोडिटीज और करेंसी के एवीपी प्रथमेश माल्या का कहना है कि ब्याज दरों में अक्रामक ढंग से हो रही बढ़ोतरी ने नॉन-यील्डींग मेटल की मांग ज्यादा बढ़ा दी है. आर्थिक संकट के समय सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है. इस तथ्य के बावजूद लोग सोना नहीं खरीद रहे हैं. इसका कारण है यूएस डॉलर इंडेक्स का बढ़ना, यूएस ट्रेजरी यील्ड में तेजी आना और अमेरिका में ऊंची महंगाई दर. इन सभी ने मिलकर सोना खरीदने वाले लोगों को बाजार से बाहर कर दिया है. सोना 48870 के लेवल तक जा सकता है और अगर यहां ब्रेक मिला तो फिर ये और भी नीचे 48450 के लेवल को भी छू सकता है.

केडिया कमोडिटीज के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि पिछले हफ्ते अमेरिका में महंगाई के आंकड़े बहुत खराब आए थे. इस वजह से आशंका है अगले हफ्ते अमेरिका में ब्याज दरें बहुत ज्यादा बढ़ सकती हैं. वहीं रुपए की गिरावट की वजह से घरेलू बाजार में भी सोना एमसीएक्स पर 49000 का लेवल तोड़ चुका है. हालांकि फिजिकल मार्केट में गोल्ड की डिमांड लगातार बनी हुई है जो फेस्टिव सीजन में और बढ़ेगी. ऐसे में साल के अंत तक एमसीएक्स पर सोना 48,600 से लेकर 48,500 के लेवल तक जा सकता है.