बंदूक से लेकर मिसाइल तक, इंडियन डिफेंस इंडस्ट्री से महत्वपूर्ण उपकरण खरीदेगी भारतीय सेना

बंदूक, मिसाइल, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन, लोइटर मूनिशन, संचार और ऑप्टिकल सिस्टम, विशेष गाड़ियां, इंजीनियरिंग उपकरण और वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों के लिए प्रस्ताव फाइल किया गया है.

भारतीय सेना (फाइल)

भारतीय सेना ने भारतीय रक्षा उद्योग को आपातकालीन खरीद के लिए महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों की पेशकश करने के लिए आमंत्रित किया है. इसके तहत बंदूक, मिसाइल, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन, लोइटर मूनिशन, संचार और ऑप्टिकल सिस्टम, विशेष गाड़ियां, इंजीनियरिंग उपकरण और वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों के लिए प्रस्ताव फाइल किया गया है.

इंडियन आर्मी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक प्रक्रिया संकुचित समयसीमा पर आधारित होगी, जिसमें भारतीय उद्योग के लिए खरीद खिड़की 6 महीने के लिए खुली रहेगी और उद्योग से कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर करने के एक साल के भीतर उपकरण डिलीवर करने की उम्मीद की जाएगी, खरीद के मामले ओपन टेंडर इंक्वायरी पर आधारित होंगे.

स्वदेशी खरीद में बजट का 65 फीसदी इस्तेमाल- रक्षा मंत्रालय

कुछ समय पहले रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि उसने वित्त वर्ष 2021-22 में घरेलू उद्योग के लिए पूंजी अधिग्रहण बजट का 64 प्रतिशत अलग रखा और लक्ष्य को हासिल करने में सफल रहा है. मंत्रालय ने कहा था कि उसने घरेलू स्रोतों से खरीद करने के लिए पूंजी अधिग्रहण बजट का 65.50 प्रतिशत उपयोग किया. रक्षा मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में घरेलू उद्योग के लिए पूंजी अधिग्रहण बजट का 64 प्रतिशत निर्धारित किया था.

रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि 2021-22 के अंत में मंत्रालय इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम रहा. मंत्रालय ने कहा कि इसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए भारतीय उद्योग के माध्यम से स्वदेशी खरीद पर पूंजी अधिग्रहण बजट का 65.50 प्रतिशत उपयोग किया है.

रक्षा मंत्रालय ने ये भी कहा था कि वह 2021-22 में रक्षा सेवाओं के बजट का 99.50 प्रतिशत उपयोग करने में सक्षम है. उसने कहा, मार्च 2022 की प्रारंभिक व्यय रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय वित्त वर्ष 2021-22 में रक्षा सेवाओं के बजट का 99.50 प्रतिशत उपयोग करने में सक्षम है. पिछले कुछ वर्षों में, सरकार ने घरेलू रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय किए हैं. मई 2020 में, सरकार ने रक्षा क्षेत्र में स्वचालित मार्ग के तहत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने की घोषणा की थी.

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