बंगाल में चुनाव बाद हिंसा मामले में 250 के खिलाफ चार्जशीट, 224 गिरफ्तार, CBI ने कलकत्ता हाईकोर्ट में पेश की चौथी स्टेटस रिपोर्ट

Bengal Post Poll Violence

पश्चिम बंगाल विधासनभा चुनाव परिणाम के दिन दो मई को कोलकाता के बेलियाघाटा में BJP कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या ( Bengal Post Poll Violence ) के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट में ममता बनर्जी की सरकार को झटका लगा है. चुनाव के बाद हिंसा में मारे गये अभिजीत सरकार (Abhijit Sarkar) की मां और भाई को कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुआवजा देने का निर्देश दिया है. राज्य के मुख्य सचिव एचके द्विवेदी को अगले छह माह के अंदर यह मुआवजा देने का आदेश दिया है. इसके साथ ही मुख्य न्यायाधीश ने बेघरों के मामले में मानवाधिकार आयोग को नयी कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है. वहीं सीबीआई ने चौथी स्टेटस रिपोर्ट दायर की है. इसमें बताया गया है कि चुनाव बाद हिंसा के मामले में 250 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गयी है और 224 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

मुख्य न्यायाधीश ने चुनाव बाद हिंसा के मामलों में नई समिति के गठन का आदेश दिया है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को एक समिति बनाने का निर्देश दिया है. तीन सदस्यीय कमेटी आरोपों पर पुनर्विचार करेगी. भाजपा ने 303 नए बेघरों का आरोप लगाया है.

चुनावी बाद हिंसा में 250 लोगों के खिलाफ चार्जशीट, 224 हुए गिरफ्तार

19 अगस्त, 2021 को, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एक रिपोर्ट के आधार पर, कोलकाता उच्च न्यायालय ने राज्य में चुनाव के बाद की हिंसा के दौरान बलात्कार और हत्या के मामलों की सीबीआई जांच का आदेश दिया था. सीबीआई अभिजीत सरकार की हत्या के मामले की जांच कर रही है. सीबीआई ने कोर्ट में चौथी स्टेटस रिपोर्ट दी. इसमें कहा गया है कि 26 मामलों की जांच चल रही है. 250 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दी गई है. 224 गिरफ्तार हुए हैं. 35 केस सीबीआई ने लौटा दी गयी है. 58 केस पंजीकृत किये गये हैं. 47 मानवाधिकार आयोग से मिला था और 11 राज्य से. 20 मामले में जांच जारी है.

दो मई को चुनाव परिणाम के दिन हुई थी अभिजीत सरकार की हत्या

बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के दिन यानी 2 मई को उसकी हत्या कर दी गयी थी. परिवार ने लगातार आरोप लगाया था कि कोलकाता पुलिस मामले की ठीक से जांच नहीं कर रही है और हत्या के लिए जिम्मेदार तृणमूल गुंडों को गिरफ्तार नहीं कर रही है, जो न केवल खुला घूम रहे हैं, बल्कि परिवार के सदस्यों को धमकी भी दे रहे हैं. पीड़िता के बड़े भाई बिस्वजीत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और कलकत्ता हाई कोर्ट में सरकार की मौत की जांच के लिए याचिकाएं दायर की थी. इसके साथ ही बिस्वजीत सरकार ने टीएमसी नेताओं पर भी निशाना साधा था.

चुनाव बाद हिंसा से इनकार करती रही हैं ममता बनर्जी सरकार

हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया था कि राज्य में चुनाव के बाद हिंसा की कोई घटना नहीं हुई थी, लेकिन एनएचआरसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 में विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद बलात्कार और हत्या के कई मामले सामने आए हैं. उसके मद्देनजर कलकत्ता हाईकोर्ट में मामले दायर किये गये थे. हाल में ही कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंगाल सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है.

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