पैक्ड फूड, एलईडी लाइट हो सकते हैं महंगे, GST काउंसिल जल्द ले सकती है बड़ा फैसला

Led Bulb

आने वाले समय में पैक्ड फूड आइटम और एलईटी लाइट के दाम बढ़ सकते हैं. जीएसटी काउंसिल (GST Council) ऐसे सामानों के दाम बढ़ाने पर जल्द कोई बड़ा फैसला ले सकती है. लेदर के सामान, पैक किए हुए खाने-पीने के प्रोडक्ट महंगाई की लिस्ट में शामिल हो सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में कुछ प्रोडक्ट के दाम में इजाफा देखने को मिल सकती है. आगामी बैठक में इस बढ़ोतरी पर फैसला संभव है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जीएसटी काउंसिल घर से कारोबार करने के प्रावधानों को आसान बनाने पर विचार कर सकती है. इस कदम से उन कारोबारियों को फायदा होगा जो अपना सामान ऑनलाइन ई-कॉमर्स (E-Commerce Websites) कंपनियों की वेबसाइट पर बेचना चाहते हैं.

काउंसिल की बैठक में छोटे कारोबारियों के कामकाज को आसान बनाने के लिए कुछ नए कदमों पर विचार कर सकती है. ये वो कारोबारी होंगे जो घर से बैठे ऑनलाइन कॉमर्स कंपनियों के साथ अपना धंधा चलाते हैं. मीडिया रिपोर्ट यह भी कहती है कि देश के अधिकांश लोग क्रिप्टोकरेंसी, ऑनलाइन गेमिंग और हॉर्स रेसिंग पर 28 परसेंट टैक्स लगाना चाहते हैं, लेकिन घरेलू इस्तेमाल के सामानों पर किसी तरह की बढ़ोतरी के पक्ष में नहीं हैं. अब यह जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में ही पता चल पाएगा कि क्रिप्टोकरेंसी या सट्टेबाजी पर जीएसटी की दर क्या होगी. बैठक में ही इस बात पर भी फैसला होगा कि किन-किन प्रोडक्ट पर टैक्स की दर बढ़ सकती है. लेकिन एलईडी लाइट और पैक्ड फूड पर जीएसटी की दर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.

फिटमेंट पैनल का सुझाव

जीएसटी काउंसिल की अगले हफ्ते बैठक होने वाली है. फिटमेंट पैनल ने कुछ प्रोडक्ट पर जीएसटी रेट में बदलाव का सुझाव दिया है. इससे संभावना जताई जा रही है कि कुछ सामानों के टैक्स में बढ़ोतरी हो सकती है. एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि फिटमेंट पैनल ने 113 सामानों पर जीएसटी घटाने की मांग को नकार दिया है. इन सामानों में शीरा, चाशनी में कटे फल और सब्जियां, अखरोट, मेडिकल उपकरण, नकली जरी, रूफटॉप सोलर पैनल, हथकरघा आदि शामिल हैं. जीएसटी काउंसिल की बैठक 28-29 जून को चंडीगढ़ में आयोजित होने वाली है. इससे पहले दिसंबर में काउंसिल की बैठक हुई थी.

इन आभूषणों पर बढ़ सकता है टैक्स

फिटमेंट पैनल ने कटे और पॉलिश किए गए हीरे की दर को 0.25% से बढ़ाकर 1.5% करने की सिफारिश की है, लेकिन इस पर फैसला लेने का अधिकार मंत्री समूह (जीओएम) पर छोड़ दिया गया है. केंद्र और राज्यों के अधिकारियों के रेट फिटमेंट पैनल ने तर्क दिया है कि कटे और पॉलिश किए गए हीरों पर कम दर के कारण रत्न और आभूषण उद्योग के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट या आईटीसी में रुकावट आ रही है. अगर जीएसटी नहीं बढ़ाया जाए तो इस उद्योग पर उलटा असर हो सकता है. लिहाजा जीएसटी रेट बढ़ाया जाना चाहिए. अगर मंत्री समूह की बात मान्य होती है तो इस तरह के हीरे के आभूषण भी महंगे हो सकते हैं.

क्या कहा काउंसिल ने

टेट्रा पैक पर जीएसटी की दर 12% से बढ़कर 18% होने की संभावना है, जिससे इसे कार्टन, प्लास्टिक की बोतलों और पाउच जैसे अन्य पैकेजिंग आइटमों के बराबर लाया जा सके. इन सामानों पर 18% GST लगता है. अखरोट पर जीएसटी दर को 5% से घटाकर शून्य करने की मांग को भी पैनल के साथ खारिज कर दिया गया है, जिसमें सुझाव दिया गया है कि इस मांग में कोई दम नहीं था क्योंकि बादाम, अखरोट और काजू के अलावा अन्य सूखे मेवों पर 12% जीएसटी लगता है.

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