पाकिस्तान के मंत्री जनता से क्यों कह रहे हैं कि चाय पीना कम कर दो… कितने खराब हो गए पड़ोसी मुल्क के हालात?

Tea Pakistan

पाकिस्तान के आर्थिक हालात (Pakistan Economic Condition) लगातार खराब होते जा रहे हैं. जहां एक ओर पाकिस्तान में विदेशी मुद्रा भंडार न के बराबर है, वहीं महंगाई भी पिछले कुछ दिनों कई गुना बढ़ गई है. हाल ही में राजनीतिक संकट झेल चुका पाकिस्तान (Pakistan Political Crisis) अब आर्थिक मोर्च पर काफी निचले पायदान पर जा चुका है. पाकिस्तान में स्थिति अब इतनी खराब हो गई है कि अब वहां के मंत्री जी खुद जनता को कह रहे हैं कि जनता को चाय पीना कम कर देना चाहिए. मंत्री जी की ये सलाह हेल्थ कारणों को ध्यान में रखते हुए नहीं है, बल्कि मुल्क की गरीबी और वर्तमान स्थिति को देखते हुए हैं.

ऐसे में सवाल है कि पाकिस्तान के मंत्री ने चाय को लेकर क्या बयान दिया है और वर्तमान में पाकिस्तान के हालात क्या हैं. ऐसे में हम आपको इन सवालों के जवाब के साथ बताएंगे कि चाय के मामले में पाकिस्तान की क्या स्थिति है और किस तरह से पाकिस्तान में चाय का व्यापार और इस्तेमाल हो रहा है. इसके बाद आप समझ जाएंगे कि मंत्री जी को क्यों चाय कम पीने की सलाह दी जा रही है…

मंत्री जी ने क्या कहा?

दरअसल, पाकिस्तान के फेडरल मंत्री अहसान इकबाल का बयान काफी चर्चा में है और भारत से लेकर पाकिस्तान मे यह वायरल हो रहा है. वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि मंत्री जी कर रहे हैं, ‘मैं जनता से अपील करुंगा कि हम चाय की एक-एक, दो-दो प्याली कम कर दें. जो चाय हम आयात कर रहे हैं, वो हम उधार करके करते हैं.’ ऐसे में मंत्री इकबाल ने पाकिस्तान के आर्थिक हालात को देखते हुए लोगों से अपील की है कि वो चाय पीना ही कम दें.

क्या है पाकिस्तान में चाय की स्थिति?

अगर पाकिस्तान और चाय की बात करें तो वहां भी चाय की काफी खपत होती है और पाकिस्तान बड़ी मात्रा में बाहर से चाय आयात करता है. यहां तक कि पाकिस्तान दुनिया के सबसे ज्यादा चाय आयातकों में नंबर एक पर है. स्टेटिस्टा की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने साल 2020 में 589.76 अमेरिकी डॉलर की चाय आयात की थी. इसके बाद अमेरिका, यूके, चीन, मिश्र और जर्मनी का नंबर है. वहीं, उत्पादन के मामले में भारत और श्रीलंका काफी आगे हैं, मगर अब चीन में भी काफी चाय का उत्पादन हो रहा है.

पाकिस्तान में चाय की दीवानगी?

अगर पाकिस्तान में चाय की पसंद की बात करें तो वहां चाय की खपत है और बढ़ती जा रही है. पाकिस्तान की न्यूज वेबसाइट डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2007 से 2016 के बीच प्रति व्यक्ति चाय की खपत में 37 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई थी. अमेरिका के एफएओ की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तान उन 7 देशों में से है, जहां चाय की खपत बढ़ती जा रही है. इसके अलावा इस लिस्ट में चीन, टर्की, रवांडा, इंडोनेशिया आदि शामिल है. पाकिस्तान में चाय की खपत इतनी है कि 2018 के आसपास पाकिस्तान में करीब 40 हजार टन तक चाय मंगाई जाती थी.

पाकिस्तान के क्या हैं हालात?

बीबीसी डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, हालात इतने खराब है कि पाकिस्तान में कराची ने पिछले महीने ही कई लग्जरी आइटम के आयात पर रोक लगा दी है. पाकिस्तान ने करीब 41 आइटम के आयात पर रोक लगाई है, जिससे कार, मोबाइल, कॉस्मेटिक, सिगरेट, फूड प्रोडक्ट आदि के व्यापार पर असर पड़ा है. पाकिस्तान लगातार आर्थिक संकट से गुजर रहा है. उसके पास विदेशी मुद्रा मंडार कुछ महीनों के लिए ही बचा है. उस पर दिवालिया होने का खतरा मंडरा रहा है.

बता दें कि कुछ महीनों में ही फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व काफी कम हो गया है. किस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार फरवरी में लगभग 16 बिलियन डॉलर था, जो जून के पहले सप्ताह में करीब 10 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया. ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान के हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं.

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