नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी के जवाबों से ED संतुष्ट नहीं, कई सवालों के एक जैसे दिए जवाब- सूत्र

Rahul Gandhi

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र से जुड़े कथित धन शोधन के एक मामले में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से मंगलवार को लगातार दूसरे दिन 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की. बुधवार को उन्हें फिर से तलब किया गया है. कांग्रेस (Congress) नेता राहुल गांधी बुधवार को लगातार तीसरे दिन ईडी के समक्ष पेश होंगे. मंगलवार की पूछताछ को लेकर कहा गया है कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi ED Visit) के जवाबों से ईडी संतुष्ट नहीं है. राहुल गांधी ने कई सवालों के जवाब एक जैसे दिए हैं. ऐसे में ईडी बुधवार को फिर पूछताछ करेगा.

कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ के दूसरे दिन भी विरोध-प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने कांग्रेस मुख्यालय से सटे इलाके में धारा 144 लागू कर रखी है. मुख्य विपक्षी दल ने अपने नेता से ईडी की पूछताछ को असंवैधानिक और गांधी परिवार की विश्वसनीयता खत्म करने का प्रयास करार देते हुए दावा किया कि सरकार को पार्टी के पूर्व अध्यक्ष से परेशानी इसलिए है, क्योंकि उन्होंने किसानों, नौजवानों व मजदूरों के हक की आवाज उठाई है तथा कोरोना संकट एवं सीमा पर चीन की आक्रामकता को लेकर मोदी सरकार को घेरा है.

राहुल गांधी से हुई लंबी पूछताछ

राहुल गांधी लगातार दूसरे दिन मंगलवार सुबह 11 बजकर पांच मिनट पर एपीजे अब्दुल कलाम रोड स्थित ईडी के मुख्यालय पहुंचे थे. उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी उनके साथ थीं. अधिकारियों ने बताया कि कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद 11 बजकर 30 मिनट पर राहुल गांधी से पूछताछ शुरू की गई. करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद राहुल गांधी दोपहर लगभग तीन बजकर 30 मिनट पर बाहर निकले और इसके एक घंटे के बाद फिर से ईडी कार्यालय पहुंच गए.

ईडी ने कांग्रेस नेता से सोमवार को 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी. इसके बाद ईडी ने उनसे मंगलवार को दोबारा पेश होने के लिए कहा था. कांग्रेस के अनुसार, मंगलवार को पुलिस ने पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, उप नेता गौरव गोगोई, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी और कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया. वेणुगोपाल ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया, नरेंद्र मोदी सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है. कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ प्रतिशोध की राजनीति के तहत कार्रवाई की जा रही है. कांग्रेस सच के साथ है. हम झुकने और डरने वाले नहीं हैं.

कार्यकर्ताओं ने किया था सत्याग्रह

कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को भी दिल्ली समेत देश के कई शहरों में ईडी कार्यालयों के बाहर सत्याग्रह किया था और मार्च निकाला था, जिसे पार्टी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है. मुख्य विपक्षी दल ने यह दावा भी किया था कि दिल्ली पुलिस की धक्का-मुक्की के कारण पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम समेत उसके कई नेताओं को चोटें आईं. हालांकि, पुलिस ने कहा था कि उसकी तरफ से कोई बल प्रयोग नहीं किया गया था और पुलिसकर्मियों के कारण किसी के चोटिल होने की जानकारी उसके पास नहीं है.

ईडी धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत राहुल गांधी का बयान दर्ज कर रही है. इसी मामले में ईडी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को 23 जून को पेश होने के लिए कहा है. सोनिया गांधी कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अस्वस्थ हैं और फिलहाल सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती हैं. अधिकारियों के मुताबिक, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और गांधी परिवार से पूछताछ ईडी की जांच का हिस्सा है, ताकि यंग इंडियन और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) के हिस्सेदारी पैटर्न, वित्तीय लेन-देन और प्रवर्तकों की भूमिका को समझा जा सके.

यह है पूरा मामला

यंग इंडियन के प्रवर्तकों और शेयरधारकों में सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी सहित कांग्रेस के कुछ अन्य सदस्य शामिल हैं. कांग्रेस का कहना है कि उसके शीर्ष नेताओं के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और ईडी की कार्रवाई प्रतिशोध की राजनीति के तहत की जा रही है. उसने यह भी कहा कि पार्टी और उसका नेतृत्व झुकने वाला नहीं है. दिल्ली की एक निचली अदालत द्वारा यंग इंडियन के खिलाफ आयकर विभाग की जांच का संज्ञान लिए जाने के बाद एजेंसी ने पीएमएलए के आपराधिक प्रावधानों के तहत एक नया मामला दर्ज किया था. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने इस संबंध में वर्ष 2013 में एक शिकायत दर्ज कराई थी. स्वामी ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य पर धोखाधड़ी की साजिश रचने एवं धन के गबन का आरोप लगाया था और कहा था कि यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड ने 90.25 करोड़ रुपये की वसूली का अधिकार प्राप्त करने के लिए केवल 50 लाख रुपये का भुगतान किया, जो एजेएल पर कांग्रेस का बकाया था. (इनपुट भाषा से)

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