नकली खाद, बीज और कीटनाशक बेचने वालों पर एक्शन के लिए 2460 जगहों पर इंस्पेक्शन

Side Effects Of Spurious Agriculture Inputs

खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई शुरू होने के साथ-साथ मार्केट में नकली खाद, पेस्टीसाइड (Pesticide) और बीज बेचने वाले भी सक्रिय हो गए हैं. इनकी ठगी से किसानों को बचाने के लिए सरकार ने कोशिश शुरू कर दी है. ऐसे लोगों पर एक्शन के लिए राजस्थान सरकार ने अभियान शुरू किया है. इसके तहत अधिकारियों ने 1 से 17 जून तक 2460 इंस्पेक्शन किए हैं. जिनमें 1994 नमूने एकत्रित किए गए. राज्य सरकार ने बताया कि कुछ गड़बड़ियों के चलते 11 प्रतिष्ठानों के एग्री इनपुट बिक्री पर रोक लगाई गई है. जबकि 4 पर जब्ती की कार्रवाई की गई है. एग्री इनपुट के गुण नियंत्रण का यह अभियान (Quality Control Campaign) 30 जून तक चलेगा.

प्रदेश के कृषि आयुक्त कानाराम ने बताया कि जिलेवार खाद, बीज एवं कीटनाशकों के नमूने लेने के निर्देश दिए गए हैं. अधिक से अधिक इंस्पेक्शन हों. ताकि खरीफ सीजन में किसानों के लिए उत्तम गुणवत्ता के कृषि इनपुट (Agri Input) की उपलब्धता हो. ताकि कृषि उपज के उत्पादन में वृद्धि हो और किसानों को नकली चीजों से किसी तरह का नुकसान न हो. विभाग की अनुसंधान शाखा एवं गुण नियंत्रण शाखा को उन्होंने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए.

जैविक खेती पर फोकस करें किसान

कृषि आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वे खेती-किसानी की योजनाओं (Agriculture Schemes) का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए काम करें. ताकि किसानों की आय (Farmers Income) में वृद्धि हो और कृषि उत्पादन बढ़ सके. राजस्थान जैविक खेती मिशन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास तेज हैं. जैविक खेती में अच्छा प्रदर्शन करने वाले 3 किसानों को हर साल एक-एक लाख रुपये का राज्य स्तरीय पुरस्कार दिया जाएगा. बता दें कि जैविक खेती (Organic Farming) मिशन पर 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इससे 4 लाख किसानों को फायदा होगा. करीब 3.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया जाएगा.

स्थापित किए जाएंगे एक लाख सोलर पंप

उधर, राजस्थान की मुख्य सचिव उषा शर्मा ने प्रदेश में 1 लाख सोलर पंप स्थापित करने के निर्देश दिए हैं. प्रधानमंत्री कुसुम-कंपोनेंट सी (फीडर लेवल सौलराईजेशन) के तहत यह काम किया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से इच्छुक विकासकर्ता भी जमीन का चयन कर सकेंगे और सोलर उर्जा प्लांट का निर्माण कर सकेंगे. टोंक में एक पायजट प्रोजेक्ट के तहत 4.24 मेगावॉट का काम अवार्ड किया गया है, जिसके तहत 656 किसानों को सोलर उर्जा मिलेगी. बता दें कि किसान किसी निवेशक के साथ सोलर प्लांट (Solar Plant) स्थापित करके उसकी बिजली बेचकर कमाई कर सकता है.

Similar Posts