नंदीग्राम में BJP को फिर मिली बड़ी जीत, सहकारिता चुनाव 12 सीटों में से मात्र एक पर जीत पाई TMC

नंदीग्राम में रविवार को बीजेपी को बड़ी सफलता मिली. वेकुटिया सहकारी समिति के चुनाव में बीजेपी ने 12 सीटों में से 11 पर कब्जा कर लिया, जबकि टीएमसी को मात्र एक सीट से ही संतोष करना पड़ा.

फोटोः बंगाल बीजेपी.

Image Credit source: फाइल फोटो

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम विधानसभा सीट से शुभेंदु अधिकारी द्वारा ममता बनर्जी को पराजित करने के बाद रविवार को फिर बीजेपी को बड़ी जीत मिली है. लंबे समय तक तृणमूल के कब्जे वाली वेकुटिया सहकारी समिति पर बीजेपी ने कब्जा कर लिया. इस चुनाव को लेकर रविवार सुबह से ही तनाव का माहौल था. दोपहर में नतीजों की घोषणा के बाद बीजेपी ने 12 में से 11 सीटों पर जीत हासिल की है. दूसरी ओर, तृणमूल किसी तरह केवल एक सीट जीतने में सफल रही. हालांकि, तृणमूल ने वह सीट सिर्फ एक वोट से जीती है.

सत्तारूढ़ खेमे का दावा है कि विपक्षी नेता बाहरी लोगों को लाकर और उन्हें आतंकित करके जीत गए. बीजेपी का जवाबी दावा है कि सत्ताधारी दल के तमाशे को नज़रअंदाज कर जीत हासिल की है. बंगाल के राजनीतिक हलकों में बीजेपी की यह जीत काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

वेकुटिया सहकारी समिति को बीजेपी ने टीएमसी से छीना

बता दें कि वेकुटिया सहकारी समिति के चुनाव को लेकर सुबह से ही पूरा क्षेत्र में तनाव था. तृणमूल और बीजेपी ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे थे. स्थिति को संभालने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनाती की गई थी. भाजपा खेमे ने दावा किया कि भले ही उनके नेता शुभेंदु अधिकारी मतदान के दिन क्षेत्र में मौजूद नहीं थे, लेकिन तृणमूल नेताओं ने उनके नाम पर उन्हें गालियां दीं. हालांकि तृणमूल खेमे ने इस तरह के आरोपों से इनकार किया है.नंदीग्राम तृणमूल प्रखंड के अध्यक्ष बप्पादित्य कर ने कहा, “हमने शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने को कहा है. लेकिन इलाके के लोग विरोध में तब शामिल हुए, जब बीजेपी ने बाहर के लोगों को वोट देने की कोशिश की. इसके साथ ही बीजेपी उन्हें वोटरों को प्रभावित करने के लिए मजबूर कर उन्हें बूथ तक ले गई. हम शांतिपूर्ण मतदान चाहते थे, लेकिन बीजेपी ने जबरदस्ती ताकत से जीत हासिल की.”

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जीत के बाद उत्साहित हैं बीजेपी के कार्यकर्ता

बीजेपी के पूर्वी मेदिनीपुर के जिला उपाध्यक्ष प्रलोय पाल ने कहा, ”जहां मतदाता वोट कर पाएंगे. वहां तृणमूल हारेगी और बंगाल में बीजेपी जीतेगी. ऐसा ही नंदीग्राम के वेकुटिया में हुआ. तृणमूल का बाहरी लोगों को लाने का आरोप पूरी तरह झूठा है.” उन्होंने आगे कहा, ”तृणमूल पुलिस और बाहरी लोगों के साथ सहकारी चुनाव जीतना चाहती थी. लेकिन वे हार गए क्योंकि आम लोग खड़े हो गए. नंदीग्राम का वेकुटिया इलाका सालों से बीजेपी का गढ़ रहा है. पिछले विधानसभा चुनाव में विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी इस क्षेत्र से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से करीब 6,000 मतों से आगे थे.

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