देश में लाखों लोगों की जान लेने वाला कोरोना वायरस क्या खत्म हो रहा है?

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देश में कोरोना महामारी को आए ढाई साल से ज्यादा का समय बीत गया है. ये बीमारी भारत में अब तक 5,28,355 लोगों की जान ले चुकी है. लेकिन पिछले कुछ महीनों से कोरोना का वायरस दम तोड़ता नजर आ रहा है. ओमिक्रॉन वेरिएंट के कारण आई तीसरी लहर से अबतक देश में कोविड की वजह से न तो हॉस्पिटलाइजेशन अधिक हुआ और मौत के संख्या भी दूसरी लहर की तुलना में काफी कम रही. पिछले एक सप्ताह से दैनिक मामलों में भी कमी जारी है. बीते 24 घंटे में 4858 नए मामले आए हैं. इस साल फरवरी के बाद संक्रमितों की सप्ताहिक संक्रमितों की संख्या सबसे कम है.

कोरोना से जो लोग बीमारी हो रहे हैं उनमें फ्लू जैसे लक्षण मिल रहे हैं. अस्पतालों में भी केवल वही मरीज भर्ती हो रहे हैं, जिनको कोविड के अलावा भी कोई गंभीर बीमारी है. कोरोना का पॉजिटिविटी रेट कम हो रहा है और रिकवरी दर बढ़ रही है. किसी भी राज्य में अभी तक कोविड के मामलों में बहुत अधिक तेजी नहीं देखी गई है. पिछले करीब 6 महीने के आंकड़ों पर नजर डाले तो अस्पतालों में कोरोना की वजह से जान गंवाने वालों की संख्या लगातार कम हो रही है.

इस बीच देश में वैक्सीनेशन भी तेजी से चल रहा है. कोविड से संक्रमित होने पर दो से तीन दिन में ही मरीज रिकवर हो रहे हैं और ये बीमारी अब एक मौसमी फ्लू की तरह रह गई है. लेकिन क्या अब भारत में कोरोना वायरस खत्म हो रहा है और क्या अब भविष्य में कभी भी इसका भयंकर रूप देखने को नहीं मिलेगा?

वायरस हमारे बीच ही मौजूद

इस बारे में बात करते हुए बात करते हुए लैंसेट कोविड-19 कमीशन ऑफ इंडिया टास्क फोर्स की सदस्य और Chair Programme Advisory Committee NIHFW की प्रोफेसर डॉ सुनीला गर्ग कहती है ” कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है. ये वायरस अभी कुछ सालों से हमारे साथ ही रहेगा. हमे हर स्थिति में कोविड से बचने के लिए तैयार रहना है. इसके लिए टीकाकरण जरूरी है. जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं ली है उन्हें टीका लेना चाहिए. चूंकि आने वाले दिनों में कई सारे त्यौहार आने वाले हैं इस दौरान सावधानी बरतनी होगी. अगर भीड़ ज्यादा बढ़ी है और कोविड से बचाव के नियमों का पालन नहीं किया गया तो केस बढ़ सकते हैं. ऐसे में जरूरी है कि लोग कोविड को लेकर सतर्क रहें”

डॉ. सुनीला कहती हैं किवैक्सीन बनाने वाली कंपनियों को नए टीके बनाने पर भी विचार करना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोना वायरस में लगातार म्यूटेशन हो रहा है. जो मौजूदा स्ट्रेन पर कारगर साबित हो सके. साथ ही जो लोग वैक्सीन का कोर्स पूरा नहीं कर रहे हैं और रिस्क ग्रुप में हैं उन्हें टीका जरूर लेना चाहिए.

क्या अब कोई खतरनाक वेरिएंट नहीं आएगा

डॉ, गर्ग कहती है ” ओमिक्रॉन वेरिएंट डेल्टा की तुलना में काफी कमजोर था. इस वेरिएंट की वजह से लोगों में नेचुरल इम्यूनिटी बनी. जिससे लोगों में कोविड के हल्के लक्षण रहे और लोगों में फ्लू की तरह ही ये बीमारी रही, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि अब कोविड का कोई नया वेरिएंट नहीं. हालांकि संभावना यह है कि अब कोई खतरनाक वेरिएंट नहीं आएगा, लेकिन फिर भी सतर्क रहने की जरूरत है.

एंडेमिक फेज में है कोरोना?

दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल के मेडिसिन डिपार्टमेंट के एचओडी प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर कहते हैं ” देश में इस समय कोरोना महामारी अब खत्म हो गई है और एंडेमिक फेज में है, यानी, इस कुछ केस हमेशा आते रहेंगे, लेकिन ये इस स्तर पर नहीं बढ़ेंगे जिससे कोई खतरा हो. लेकिन कोरोना एक ग्लोबल महामारी है. किसी न किसी देश में इसके मामले आते ही रहेंगे. कई देशों में अभी भी केस लगातार आ रहे हैं. इसलिए ऐसा नहीं है कि अब कोविड हमेशा के लिए खत्म हो गया है”

डॉ. किशोर कहते हैं ” कोरोना वायरस एंडेमिक से फिर से पेंडेमिक का रूप ले सकती है. ये इस बात पर निर्भर करता है कि कोरोना में म्यूटेशन होकर कैसा वेरिएंट आता है. अगर वेरिएंट खतरनाक है तो केस फिर से तेजी से बढ़ सकते हैं. इसलिए जरूरी है कि लोग कोविड से बचाव करें. हैंड हाइजीन और सामाजिक दूरी का पालन करें. कोरोना के केस कम हो या ज्यादा हो इस प्रकार के बचाव के तरीको को अपनाकर रहना चाहिए. क्योंकि ऐसा करने से कोविड के अलावा अन्य बीमारियों से भी बचाव होगा”

कुछ केस हमेशा आते रहेंगे

महामारी विशेषज्ञ डॉ. अंशुमान कहते हैं” कोरोना का वायरस धीरे धीरे कमजोर हो रहा है और ये बीमारी एंडेमिक फेज मे है, लेकिन कोरोना के कुछ के हमेशा आते रहेंगे. ऐसे में जरूरी है कि ये न समझे की कोरोना महामारी हमेशा के लिए खत्म हो गई है. हालांकि ये जरूर है कि अब दूसरी लहर जैसे हालात देखने को नहीं मिलेगे.

तीनों एक्सपर्ट की यही सलाह है कि कोरोना के केस भले ही कम हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि ये वायरस हमेशा के लिए खत्म हो गया है. कोविड में म्यूटेशन जारी है और कभी भी नया वेरिएंट आ सकता है. हालांकि ये इतना खतरनाक नहीं होगा जैसा की दूसरी लहर के दौरान देखा गया था, लेकिन फिर भी लोगों को कोविड से बचाव के नियमों का पालन करते रहना होगा और आगामी त्योहारों के दिनों में अधिक सतर्क रहने की जरूरत है. खासतौर पर उन लोगों को जो पहले से ही कई प्रकार की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं.