दूल्हा बारात में नहीं ले गया तो दोस्त ने भेज दिया 50 लाख रुपए का नोटिस, मानसिक तनाव में करने जा रहा था सुसाइड

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उत्तराखंड (Uttarakhand) की धर्म नगरी हरिद्वार से एक अजीबो गरीब खबर सामने आई है. जिसके मुताबिक एक दूल्हा दोस्त को बारात में नहीं ले गया, तो दूल्हे की इस हरकत से खफा दोस्त ने उसे 50 लाख हर्जाना देने का कानूनी नोटिस वकील के जरिए भिजवा दिया. फिलहाल आगे क्या होगा बाद की बात है. यह खबर उत्तराखंड में चर्चा का विषय जरूर बनी हुई है. दोनों ही पक्ष इस तमाशे पर मीडिया से बात करने से कन्नी काट रहे हैं. हालांकि दूल्हे को उसके दोस्त की तरफ से 50 लाख हर्जाना देने का नोटिस भेजने वाले वकील ने जरूर मीडिया से मामले की पुष्टि की है.

यह नोटिस हरिद्वार के वकील अरुण भदौरिया ने अपने मुवक्किल चंद्रशेखर की ओर से भेजा है. जिस लड़के (दूल्हा बना युवक) को नोटिस भेजा गया है, उसका नाम रवि बताया जाता है. नोटिस के मुताबिक रवि हरिद्वार के बहादराबाद इलाके में रहता है. कुछ दिन पहले ही उसकी बारात यूपी के बिजनौर जिले के धामपुर इलाके में गई थी. रवि ने अपने दोस्त चंद्रशेखर सहित कई अन्य दोस्तों को भी शादी में पहुंचने का बुलावा दिया था. नोटिस के मुताबिक तय समय पर जब चंद्रशेखर (नोटिस भेजने वाला युवक) और अन्य दोस्त बारात में शामिल होने के लिए पहुंचे, तो वहां उन लोगों को बारात और बाराती सब गायब मिले. मौके पर न दूल्हे के परिजन थे न दूल्हा मिला.

बारात में नहीं ले जाने पर दूल्हे को भेजा 50 लाख का नोटिस

भेजे गए नोटिस में दर्ज मजमून के मुताबिक जब चंद्रशेखर ने दूल्हे रवि को फोन करके पूछा कि बारात कहां है? तो उनसे बताया कि वे लोग तो बारात लेकर जा चुके हैं. वकील के मुताबिक, दूल्हा बने रवि ने चंद्रशेखर से यहां तक कह दिया कि अब आप लोगों को बारात में आने की कोई जरूरत नहीं है. बारात में पहुंचने का निमंत्रण देकर भी, बारात में साथ न ले जाना चंद्रशेखर के लिए इस कदर अखरा कि वो मानसिक अवसाद का शिकार हो गया. वकील अरुण भदौरिया द्वारा दूल्हा बने रवि को भेजे गए नोटिस के मुताबिक, “अवसादग्रस्त चंद्रशेखर इस सबको अपनी बेइज्जती समझकर आत्महत्या करने तक की सोचने लगा था.”

दूल्हे ने माफी नहीं मांगी तो झेलना होगा मानहानि का दावा

कहानी यहीं खत्म नहीं होती है. कानूनी नोटिस भेजने की बात जब चंद्रशेखर ने अपने दोस्त रवि को बताई तो, रवि ने उसे भी हंसी में टाल दिया. लिहाजा यह चंद्रशेखर के लिए रवि की ओर से कटे पर नमक छिड़क देने जैसा हो गया. लिहाजा चंद्रशेखर ने अपने वकील के जरिए रवि को, तीन दिन के भीतर नोटिस का जवाब देने को कहा है. साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर निर्धारित अवधि के अंदर उसे जवाब नहीं मिला. और अगर उसने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो वह, यानी रवि 50 लाख का मानहानि का दावा भी झेलने के लिए तैयार रहे.

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