टूट गई जय-वीरू की जोड़ी! 20 साल में पहली बार बिना मिताली के खेलने उतरीं झूलन

भारत की तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी और पूर्व कप्तान मिताली राज ने सालों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व किया है

झूलन गोस्वामी लेनी वाली हैं रिटायरमेंट

भारतीय महिला टीम इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के बाद अब वनडे सीरीज का आगाज करने जा रही है. आज यानि 18 सितंबर को दोनों टीमें होव के काउंटी ग्राउंड में उतरेंगी. भारत की स्टार और सबसे अनुभवी गेंदबाज झूलन गोस्वामी के करियर की यह आखिरी सीरीज है. इस सीरीज के साथ ही महिला क्रिकेट का एक युग खत्म हो जाएगा. यह पहली सीरीज है जिसमें झूलन अपने वीरू के बगैर उतरेंगी. 20 सालों में यह पहला मौका है जब मिताली और झूलन की जोड़ी भारत की वनडे टीम में नजर नहीं आएगी.

पहली बार बिना मिताली के वनडे फॉर्मेट में उतरीं झूलन

झूलन ने छह जनवरी 2002 में अपने वनडे करियर की शुरुआत की थी. 2002 से अबतक उन्होंने 201 वनडे मुकाबले खेले हैं. इन 201 मैचों में उनके नाम 252 विकेट हैं. हालांकि आज से पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि झूलन प्लेइंग इलेवन में शामिल हों और मिताली टीम का हिस्सा न हो. मिताली ने झूलन से तीन साल पहले साल 1999 में वनडे डेब्यू किया था. उन्होंने भी इसी साल अपने संन्यास का ऐलान किया था.

झूलन इंग्लैंड दौरे पर खेलेंगी आखिरी मुकाबला

भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच वनडे सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला झूलन का फेयरवेल मुकाबला होगा. झूलन मौजूदा समय में 352 इंटरनेशनल विकेट के साथ दुनिया की सबसे कामयाब गेंदबाज हैं. उनके नाम 252 वनडे, 44 टेस्ट और 56 टी20 इंटरनेशनल विकेट दर्ज हैं. टीम मैनेजमेंट ने गोस्वामी से भविष्य को लेकर बातचीत की थी और इसी के बाद फैसला किया गया था कि इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज उनकी आखिरी सीरीज होगी. मैनेजमेंट इस दिग्गज खिलाड़ी को अच्छा फेयरवेल देना चाहती थी. वर्ल्ड कप के दौरान झूलन को फेयरलवेल देने की योजना थी लेकिन वह चोटिल हो गई थीं.

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मिताली ने भी इसी साल लिया संन्यास

मिताली राज ने जून में दो दशक से भी लंबे अपने लंबे और सफल अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत किया था. करीब 23 साल तक भारतीय क्रिकेट की सेवा करने वाली मिताली वर्ल्ड कप के संन्यास का ऐलान किया था. उनके बाद झूलन ने भी संन्यास लेने का मन बना लिया था. यह जोड़ी सालों तक भारतीय टीम का हिस्सा रहीं और देश में महिला क्रिकेट का सबसे बड़ा चेहरा बनी रहीं. दोनों के रिटायरमेंट के बाद हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया के नए युग की शुरुआत होगी.

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