जिंदगी की जंग हार गई गैंगरेप पीड़िता, KGMU में 12 दिन बाद हुई मौत

Pilibhit Gang Rape

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में गैंगरेप के बाद जिंदा जलाई गई बेटी आखिरकार 12 दिन बाद जिंदगी की जंग हार गई. लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को उसने दम तोड़ दिया. इस घटना के बाद से ही इस दलित किशोरी के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था, अब मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है. 17 वर्षीय इस किशोरी के साथ यह वारदात सात सितंबर को अंजाम दिया गया था. इस मामले में पुलिस ने पहले ही दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है.

पुलिस ने बताया कि सात सितंबर को किसी काम से पीड़िता घर से निकली थी. आरोपियों ने रास्ते में से ही उसे अगवा किया और सूनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ बारी बारी दुष्कर्म किया. वारदात के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए पीड़िता को ही जलाकर मारने की कोशिश की. लेकिन उस समय कुछ लोगों के पहुंचने की वजह से आरोपी उसे छोड़ कर फरार हो गए थे. जानकारी होने पर पीड़िता के परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दो दिन तक इलाज किया, लेकिन जब स्थिति नियंत्रित नहीं हो पायी तो उसे बड़े अस्पताल के लिए रैफर कर दिया था.

11 सितंबर को परिजन पीड़िता को लेकर लखनऊ पहुंचे. जहां केजीएमयू प्लास्टिक सर्जरी यूनिट में इलाज शुरू किया गया. लेकिन अब किशोरी की मौत हो गई है. सूचना मिलने पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पोस्टमार्टम के बाद उसका शव अंतिम संस्कार के लिए दोपहर बाद पैत्रिक गांव लाया जाएगा.

सुधरने लगी थी सेहत

परिजनों के मुताबिक केजीएमयू में इलाज के दौरान पीड़िता की सेहत में थोड़ा बहुत सुधार होने लगा था. हालांकि डॉक्टर अभी भी कुछ कहने की स्थिति में नहीं थे. इसी बीच रविवार को एक बार फिर तबियत बिगड़ी और दोबारा संभल नहीं पायी. डॉक्टरों के काफी प्रयास के बावजूद पीड़िता ने दम तोड़ दिया.

वायरल हुआ था वीडियो

वारदात के तीन दिन बाद पीड़िता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था. इसमें किशोरी ने अपने साथ हुई बर्बरता का जिक्र किया था. बताया था कि उसके गांव के ही दो युवकों ने उसके साथ बलात्कार करने के बाद जिंदा जला दिया था. इस मामले में पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया हैं. दोनों आरोपी फिलहाल जेल में हैं.

हंगामे की आशंका, गांव में पुलिस बल तैनात

जैसे ही लखनऊ में पीड़िता की मौत की खबर पीलीभीत पहुंची, आनन फानन में पुलिस और प्रशासन के हाथा पांव फूल गए. गांव में हंगामे की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने गांव का दौरा किया और यहां सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. एसपी पीलीभीत ने एलआईयू को गांव के अंदर से हर छोटी बड़ी सूचना से अपडेट रहने के लिए कहा है.