जल्द लागू होगा डेबिट-क्रेडिट कार्ड का ये नया नियम, 5 सवालों में जानिए डिटेल


टोकनाइज्ड कार्ड का सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि इसके ग्राहक को फर्जीवाड़ा या साइबर ठगी से मुक्ति मिलेगी. चूंकि दुकानदार या स्टोर या ऑनलाइन कॉमर्स कंपनी के पास कार्ड की डिटेल कोड में दर्ज होगी, जिसे कोई पढ़ नहीं सकेगा.



TV9 Bharatvarsh | Edited By: Ravikant Singh



Sep 18, 2022, 6:45 PM IST





देश में 1 अक्टूबर से डेबिट और क्रेडिट कार्ड का नया नियम जारी हो रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक ने ऑनलाइन, पॉइंट ऑफ सेल और इन-ऐप पर इस्तेमाल होने वाले डेबिट औ क्रेडिट कार्ड डेटा को यूनीक टोकन में बदलने का निर्देश दिया है. पहले इसकी डेडलाइन जुलाई महीने की थी जिसे बढ़ाकर अक्टूबर कर दिया गया. यहां टोकनाइजनेशन का अर्थ है डेबिट और क्रेडिट कार्ड के एक्चुअल डेटा को टोकन यानी कि कोड में बदलना. इससे कार्ड ट्रांजैक्शन में होने वाले फर्जीवाड़े से राहत मिलेगी. क्या है यह सिस्टम और कैसे काम करेगा, आइए जानते हैं.

टोकनाइज्ड कार्ड का सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि इसके ग्राहक को फर्जीवाड़ा या साइबर ठगी से मुक्ति मिलेगी. चूंकि दुकानदार या स्टोर या ऑनलाइन कॉमर्स कंपनी के पास कार्ड की डिटेल कोड में दर्ज होगी, जिसे कोई पढ़ नहीं सकेगा. लिहाजा डेटा लीक होने पर उसके साथ छेड़छाड़ की संभावना खत्म हो जाएगी. किसी पीओएस मशीन पर कार्ड लगाएं या ऑनलाइन कॉमर्स वेबसाइट पर कार्ड की डिटेल दें, उसमें कार्ड की कोई जानकारी एक्चुअल फॉर्म में शेयर नहीं होगी बल्कि कोड में जानकारी दी जाएगी.

टोकनाइज्ड कार्ड का सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि इसके ग्राहक को फर्जीवाड़ा या साइबर ठगी से मुक्ति मिलेगी. चूंकि दुकानदार या स्टोर या ऑनलाइन कॉमर्स कंपनी के पास कार्ड की डिटेल कोड में दर्ज होगी, जिसे कोई पढ़ नहीं सकेगा. लिहाजा डेटा लीक होने पर उसके साथ छेड़छाड़ की संभावना खत्म हो जाएगी. किसी पीओएस मशीन पर कार्ड लगाएं या ऑनलाइन कॉमर्स वेबसाइट पर कार्ड की डिटेल दें, उसमें कार्ड की कोई जानकारी एक्चुअल फॉर्म में शेयर नहीं होगी बल्कि कोड में जानकारी दी जाएगी.

किसी ऐप, पीओएस या ऑनलाइन वेबसाइट पर ज्योंहि कार्ड पंच करेंगे, उसकी तरफ से टोकन की रिक्वेस्ट मांगी जाएगी. इसके बाद उसी रिक्वेस्ट को ऐप या ऑनलाइन कॉमर्स कंपनी कार्ड जारी करने वाली कंपनी को भेजेगी और वह कार्ड नेटवर्क तुरंत टोकन जारी करेगा. यह काम सेकंडों में होगा और ग्राहक को इसके लिए इंतजार नहीं करना होगा. ग्राहक को इस टोकनाइजेशन सुविधा के लिए अलग से कोई शुल्क भी नहीं देना होगा.

किसी ऐप, पीओएस या ऑनलाइन वेबसाइट पर ज्योंहि कार्ड पंच करेंगे, उसकी तरफ से टोकन की रिक्वेस्ट मांगी जाएगी. इसके बाद उसी रिक्वेस्ट को ऐप या ऑनलाइन कॉमर्स कंपनी कार्ड जारी करने वाली कंपनी को भेजेगी और वह कार्ड नेटवर्क तुरंत टोकन जारी करेगा. यह काम सेकंडों में होगा और ग्राहक को इसके लिए इंतजार नहीं करना होगा. ग्राहक को इस टोकनाइजेशन सुविधा के लिए अलग से कोई शुल्क भी नहीं देना होगा.

कार्ड टोकनाइजेशन का काम केवल ऑथराइज्ड कार्ड नेटवर्क कंपनियां ही करेंगी, जैसे वीजा, मास्टरकार्ड. रुपे आदि. इसमें कौन-कौन सी कंपनियां शामिल हैं, उनकी डिटेल आरबीआई की वेबसाइट पर मौजूद है. टोकनाइजेशन की सुविधा ग्राहकों को उनके फोन और टैबलेट पर भी मिलेगी. फोन से कांटेक्टलेस कार्ड ट्रांजैक्शन किया जाए, क्यूआर कोड से ट्रांजैक्शन किया जाए या ऐप से पेमेंट हो, सब पर टोकनाइजेशन की सुविधा ली जा सकेगी.

कार्ड टोकनाइजेशन का काम केवल ऑथराइज्ड कार्ड नेटवर्क कंपनियां ही करेंगी, जैसे वीजा, मास्टरकार्ड. रुपे आदि. इसमें कौन-कौन सी कंपनियां शामिल हैं, उनकी डिटेल आरबीआई की वेबसाइट पर मौजूद है. टोकनाइजेशन की सुविधा ग्राहकों को उनके फोन और टैबलेट पर भी मिलेगी. फोन से कांटेक्टलेस कार्ड ट्रांजैक्शन किया जाए, क्यूआर कोड से ट्रांजैक्शन किया जाए या ऐप से पेमेंट हो, सब पर टोकनाइजेशन की सुविधा ली जा सकेगी.

ग्राहकों के लिए टोकनाइजेशन अनिवार्य नहीं है. ग्राहक चाहे तो टोकनाइजेशन की अनुमति पीओएस, ऐप या ऑनलाइन कॉमर्स कंपनियों को दे सकता है. न चाहे तो यह उसकी मर्जी. जो लोग कार्ड टोकनाइजेशन नहीं करना चाहते उन्हें ट्रांजैक्शन के वक्त अपने हाथ से कार्ड की डिटेल भरनी होगी. ग्राहक के कार्ड से जुड़ी हर डिटेल ऑथराइज्ड कार्ड नेटवर्क के पास सुरक्षित रूप में स्टोर होती है. जब आप पीओएस, ऐप या ऑनलाइन कंपनियों की साइट पर ट्रांजैक्शन करेंगे, तो टोकन रिक्वेस्टर प्राइमरी अकाउंट नंबर यानी कि कार्ड नंबर या कार्ड डिटेल स्टोर नहीं कर सकता.

ग्राहकों के लिए टोकनाइजेशन अनिवार्य नहीं है. ग्राहक चाहे तो टोकनाइजेशन की अनुमति पीओएस, ऐप या ऑनलाइन कॉमर्स कंपनियों को दे सकता है. न चाहे तो यह उसकी मर्जी. जो लोग कार्ड टोकनाइजेशन नहीं करना चाहते उन्हें ट्रांजैक्शन के वक्त अपने हाथ से कार्ड की डिटेल भरनी होगी. ग्राहक के कार्ड से जुड़ी हर डिटेल ऑथराइज्ड कार्ड नेटवर्क के पास सुरक्षित रूप में स्टोर होती है. जब आप पीओएस, ऐप या ऑनलाइन कंपनियों की साइट पर ट्रांजैक्शन करेंगे, तो टोकन रिक्वेस्टर प्राइमरी अकाउंट नंबर यानी कि कार्ड नंबर या कार्ड डिटेल स्टोर नहीं कर सकता.






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