चार धाम यात्रा में अब तक 31 तीर्थयात्रियों की मौत, उत्तराखंड की डीजी हेल्थ बोली-हार्ट अटैक और हाई ब्लडप्रेशर है वजह

Char Dham Yatra

उत्तराखंड (Uttarakhand) में चल रही चारधाम यात्रा में पिछले 12 दिनों में 31 तीर्थयात्रियों की मौत हुई है. मरने वालों में एक स्थानीय निवासी भी शामिल है. राज्य की स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. शैलजा भट्ट ( Dr.Shailja Bhatt) ने कहा कि तीर्थ यात्रियों की मौत का सबसे बड़ा कारण हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक (Heart Attack) है. उन्होंने कहा कि अब तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य जांच यात्रा मार्गों पर बनाए गए कैंप में की जा रही है. इसके साथ ही केदारनाथ में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है.

समाचार एजेंसी एएनआई को डीजी हेल्थ ने बताया कि राज्य में चल रही चारधाम यात्रा में पिछले 12 दिनों में 31 लोगों की मौत हुई है. मरने का कारण हार्ट संबंधी समस्या है. मरने वाले हार्ट अटैक और हाईब्लड प्रेशर के कारण मौत का शिकार बन रहे हैं. क्योंकि ऊंचे स्थानों में ऑक्सीजन की कमी होती है और ऐसे में इन बीमारियों से पीड़ित लोगों में इसका असर देखा जा रहा है. गौरतलब है कि गुरुवार देर रात यमुनोत्री धाम से लौट रहे एक तीर्थयात्री की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी और जबकि एक यात्री की मौत घोड़े से गिरने से हुई है. जानकारी के मुताबिक चारधाम यात्रा में यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं के दिल का दौरा पड़ने से मरने वालों की संख्या 12 हो गई है. जबकि गंगोत्री धाम में अब तक दिल का दौरा पड़ने से तीन लोगों की मौत हुई है. इन दोनों ही धामों में मरने वालों की संख्या गुरुवार तक 16 पहुंच गई थी.

केदारनाथ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

जानकारी के मुताबिक इस बार केदारनाथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं. कोरोना काल से पहले 6 महीने के दौरान 9 लाख 26 हजार लोगों ने केदारनाथ के दर्शन किए थे. जबकि 2020 में कोरोना के समय पूरे सीजन में सिर्फ 2 लाख 20 हजार लोगों ने ही दर्शन किए थे. इसी तरह 2021 में 2 लाख 42 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे. लेकिन इस बार कुछ ही दिनों में से संख्या 1.5 लाख से ज्यादा पहुंच गई है.

बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगा प्रवेश

राज्य सरकार ने केदारनाथ में अव्यवस्था को रोकने के लिए नए नियम जारी किए हैं. इसके तहत अब बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगा. मंदिर के खुलने का समय को बढ़ा दिया गया है. केदरनाथ में भीड़ कम करने के लिए श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग, गौरीकुंड, गुप्तकाशी, रुद्रप्रयाग जैसे स्थानों पर ही रोका जा रहा है.

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