चंडीगढ MMS कांड में बड़ा खुलासा- पकड़े जाने के डर से मोबाइल से डेटा कर दिया था डिलीट

पुलिस को शक है कि आरोपियों ने मोबाइल फ़ोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छिपाए हुए हैं. ऐसे में अब पंजाब पुलिस इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद करने के लिए दोनों आरोपियों को शिमला लेकर जाएगी

चंडीगढ MMS कांड

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के MMS कांड में बड़ा खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी लड़कों और छात्रा ने पकड़े जाने के डर से मोबाइल से डेटा डिलीट कर दिया था. जांच में पुलिस को आरोपी लड़की के मोबाइल से सिर्फ उसके ही 4 वीडियो मिले हैं, जो उसने अपने दोस्त को भेजे थे.

पुलिस को शक है कि आरोपियों ने मोबाइल फ़ोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छिपाए हुए हैं. ऐसे में अब पंजाब पुलिस इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद करने के लिए दोनों आरोपियों को शिमला लेकर जाएगी. जानकारी के मुताबिक आरोपी लड़की समेत तीनों आरोपी शिमला के ही रहने वाले हैं और पिछले तकरीबन 3 सालों से एक-दूसरे के संपर्क में थे. SIT की जांच इन बिंदुओ पर टिकी है कि क्या चंड़ीगढ़ यूनिवर्सिटी में MMS रैकेट चलाया जा रहा था?

इन सवालों के जवाब भी ढूंढेगी पुलिस

इसके साथ ही पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी लड़की चोरी से अन्य छात्राओं के वीडियो क्लिप बनाकर अपने दोस्त को बेच रही थी या फिर उसे इस काम के लिए ब्लैकमेल किया जा रहा था? अभी तक वो कितनी लड़कियों के MMS अपने दोनों दोस्तों को भेज चुकी है? इसका जवाब भी पंजाब पुलिस तलाशेगी.

इन्हीं सवालों का जवाब जानने के लिए रिमांड के दौरान तीनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी. सन्नी शिमला में ही एक बेकरी में काम करता है और 12वीं क्लास तक पढ़ा हुआ है. सन्नी के पिता मजदूरी करते हैं. रंजक वर्मा भी हेल्परी का काम करता है और वो भी 12वीं क्लास तक ही पढ़ा हुआ है. रंजक के पिता भी मजदूरी करते हैं.

यूनिवर्सिटी ने बनाई आंतरिक जांच कमेटी

स्माइली शर्मा चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ती है और एक मीडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखती है. स्माइली के पिता प्राइवेट नौकरी करते है. वहीं दूसरी ओर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने एमएमएस कांड को लेकर आंतरिक जांच कमेटी गठित की है. यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने वीमेन सेल की हेड की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय कमेटी बनाई है. इस कमेटी में 3 छात्र प्रतिनिधि और 6 प्रोफेसर शामिल किए गए हैं. यह कमेटी पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी और रिपोर्ट तैयार करके प्रबंधन को सौंपेगी.

इससे पहले तीनों आरोपियों को एक अदालत ने सोमवार को एक हफ्ते के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया. पुलिस ने तीनों आरोपियों को पंजाब के मोहाली में खरड़ की अदालत में पेश किया और दस दिन की हिरासत का अनुरोध किया. छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर शनिवार रात से पंजाब के मोहाली में स्थित विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. आरोप हैं कि एक छात्रावास के शौचालय में छात्राओं के कई आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किए गए

(भाषा से इनपुट)

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