घर से खेलने निकला बच्चा ढाई घंटे तक लिफ्ट में फंसा रहा, गार्ड्स पर लापरवाही का आरोप

गुरुग्राम में एक छह साल का बच्चा सोसाइटी के पार्क में खेलने के लिए घर से निकला था, लेकिन ढाई घंटे बाद बिल्डिंग लिफ्ट में फंसा पाया गया. बच्चे के माता-पिता ने सोसाइटी में तैनात सुरक्षा गार्डों पर लापरवाही का आरोप लगाया.

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सोसाइटियों में लगी लिफ्ट कभी-कभी आफत का सबब बन जाती है. ऐसे ही नजारा हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित एक सोसाइटी में देखने को मिला. एक छह साल का बच्चा सोसाइटी के पार्क में खेलने के लिए घर से निकला था, लेकिन ढाई घंटे बाद बिल्डिंग लिफ्ट में फंसा पाया गया. बच्चे के माता-पिता ने सोसाइटी में तैनात सुरक्षा गार्डों पर लापरवाही का आरोप लगाया.

दरअसल, मामला गुरुग्राम में स्थित पिरामिड अर्बन होम्स सोसाइटी का है. सोसाइटी के एक फ्लैट में रहने वाले दंपति का छह साल का बच्चा ढाई घंटे तक लिफ्ट के अंदर सोसाइटी में तैनात सुरक्षा गार्डों की लापरवाही के कारण फंसा रहा. बताया जा रहा है कि आरव नाम का बच्चा रात करीब 8 बजे एक पार्क में खेलने निकला था. काफी देर तक जब आरव घर नहीं लौटा तो उसके माता-पिता ने उसकी तलाश शुरू की और आरव को तीसरी मंजिल पर लिफ्ट में फंसा पाया.

टावर नंबर-16 की लिफ्ट हुई खराब

आरव के माता-पिता ने उसे सोसायटी के टावर नंबर-16 की खराब लिफ्ट में पाया. करीब तीन घंटे तक फंसे रहने के बाद रात साढ़े दस बजे सोसायटी के तकनीकी अमले ने उन्हें लिफ्ट से बाहर निकाला. आरव के पिता राहुल यादव के मुताबिक, इसकी शिकायत पुलिस में की गई थी, लेकिन अब तक बिल्डर, सोसायटी में तैनात गार्ड या लापरवाही के लिए जिम्मेदार अन्य लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

अलार्म बटन तक नहीं पहुंचा बच्चे का हाथ

वहीं जब छह साल के आरव से पूछा गया कि लिफ्ट में फंसने के दौरान उसने इमरजेंसी अलार्म का बटन क्यों नहीं दबाया तो उसने कहा कि उसके हाथ अलार्म के बटन तक नहीं पहुंचे. आरव के माता-पिता का मानना है कि सोसायटी में तैनात सुरक्षा गार्डों को कुछ गंभीरता दिखानी चाहिए और सावधान रहना चाहिए.

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तीन दिन बाद भी लिफ्ट की नहीं हुई मरम्मत

आरव के माता-पिता ने कहा, “लिफ्ट की बार-बार जांच की जाती है, लेकिन यह गार्ड की लापरवाही थी, जिसके कारण मेरा बच्चा ढाई घंटे तक लिफ्ट में फंसा रहा.” घटना के तीन दिन बाद भी लिफ्ट की मरम्मत नहीं हुई है, जिससे सोसाइटी में रहने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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