गेहूं की बढ़ी हुई कीमतों से हुई जबरदस्त कमाई को अब ट्रैक्टर खरीदने पर खर्च कर रहे किसान, बिक्री 4 साल में सबसे अधिक

Tractor Sale In India

गेहूं की कटाई शुरू होने से पहले ही रबी सीजन की इस प्रमुख फसल की कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ऊपर पहुंच गई थी. सामान्य तौर पर ऐसा होता नहीं है, लेकिन वैश्विक कारणों के चलते हुए इस बदलाव का लाभ किसानों को खूब मिला. खुले बाजार में ऊची दरों पर गेहूं (Wheat) की बिक्री कर किसानों ने जबरदस्त कमाई की. अब वे इसे ट्रैक्टर खरीदने पर खर्च कर रहे हैं. ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (TMA) के आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2022-23 के शुरुआती महीनों में किसानों ने जमकर ट्रैक्टर की खरीद की है. इस वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों के आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं.

बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा अनुमान है कि गेहूं की बढ़ी हुई कीमतों पर बिक्री कर किसानों ने 5994 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कमाई है. TMA के आंकड़ों के हवाले से इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों यानी अप्रैल से जून के बीच साल दर साल के हिसाब से ट्रैक्टर की बिक्री में 44 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. बीते चार साल की समान अवधि में यह आंकड़ा सबसे अधिक है.

अप्रैल-मई में हुई है ट्रैक्टर की अधिक बिक्री

टीएमए की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 के पहले महीने यानी अप्रैल में देश में कुल 89 हजार 201 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई. समान अवधि में पिछले साल 63 हजार 422 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई थी. वहीं मई में इस बार 81 हजार 940 जबकि पिछले साल 55 हजार 609 ट्रैक्टर किसानों ने खरीदे थे. इस वित्त वर्ष के जून महीने के अनुमानित आंकड़ों की बात करें तो बिक्री के 93 हजार 839 तक पहुंचने की उम्मीद है. हालांकि पिछले साल जून में इस साल के मुकाबले अधिक ट्रैक्टर बिके थे और आंकड़ा 1 लाख 10 हजार 399 था. लेकिन वित्त वर्ष के शुरुआती 3 महीने के आधार पर देखें तो इस साल ज्यादा ट्रैक्टर की बिक्री हुई है. वित्त वर्ष 2021-22 के शुरुआती तीन महीने में 2 लाख 29 हजार 430 ट्रैक्टर बिके थे जबकि इस बार यह आंकड़ा 2 लाख 64 हजार 980 है.

खाद्य वस्तुओं की कीमत उच्च स्तर पर है. वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सामान्य मॉनसून का पूर्वानुमान जताया है. इसे देखते हुए किसान खेती पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं. गेहूं की बिक्री से हुई कमाई के बाद खर्च बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है और यह रिकवरी मोड में है. लोन की सुगम सुविधा, ग्रामीण आय में सुधार और सामान्य मॉनसून के अनुमान ने ट्रैक्टर कंपनियों के लिए बेहतर मौके दिए हैं. ट्रैक्टर को किसान न सिर्फ किसान कृषि कार्यों में उपयोग करते हैं बल्कि सीजन के बाद अन्य कई तरह के काम से अतिरिक्त कमाई करते हैं.

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