गुरुद्वारे के सिख डेलीगेशन से मिले PM मोदी, कहा- ऐसा लगा कि मैं सिख समुदाय का ही हिस्सा हूं

Sikh Delegation PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 17 सितंबर को अपना 72वां जन्मदिन सेलिब्रेट किया. उनके बर्थडे पर देशभर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. यहां तक कि नामीबिया से लाए गए 8 चीते भी इसी दिन भारत पहुंचे, जिन्हें पीएम मोदी ने खुद मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में छोड़ा. कई कार्यक्रमों के बीच दिल्ली के गुरुद्वारा श्री बाला साहिब जी में भी प्रधानमंत्री की बेहतरी के लिए ‘अखंड पाठ’ का आयोजन किया गया. इस ‘अखंड पाठ’ में हजारों सिख भक्तों ने हिस्सा लिया. अब इसी गुरुद्वारे के एक डेलीगेशन ने आज पीएम मोदी के आवास पर उनसे मुलाकात की है.

गुरुद्वारा का ये डेलीगेशन पीएम के आवास पर उन्हें प्रसाद और आशीर्वाद देने पहुंचा था. सिख प्रतिनिधिमंडल ने सिर पर पगड़ी बांधकर और सिरोपा भेंट करके प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान किया. पीएम मोदी की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए अरदास भी की. प्रधानमंत्री ने सिख डेलीगेशन से मिलने पर अपनी खुशी जाहिर की और उनकी शुभकामनाओं के लिए आभार जताया तथा उनकी भलाई के लिए प्रार्थना भी की. इस दौरान पीएम ने कहा कि उन्हें सिख समुदाय से मिलकर बेहद खुशी हुई. डेलीगेशन के व्यवहार और उनकी विनम्रता से वह बहुत प्रभावित हुए. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि डेलीगेशन के लोगों ने उन्हें ऐसा महसूस कराया जैसे कि वह सिख समुदाय का ही हिस्सा हैं.

पीएम मोदी का जताया आभार

पीएम ने सिख डेलीगेशन के मेंबर्स को आश्वासन दिया कि वह सिख समुदाय के कल्याण के लिए लगातार काम करते रहेंगे. बैठक के दौरान डेलीगेशन ने सिखों के सम्मान और कल्याण के वास्ते सरकार द्वारा किए गए कामों के लिए पीएम मोदी का आभार जताया. उन्होंने 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ ​​के तौर पर घोषित करने, करतारपुर साहिब कॉरिडोर को दोबारा खोलने, गुरुद्वारों द्वारा चलाए जा रहे लंगरों पर से जीएसटी हटाने सहित सभी कल्याण कार्यों के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद किया.

‘अखंड पाठ’ का आयोजन

जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के मौके पर दिल्ली स्थित ‘श्री बाला साहिब जी’ गुरुद्वारा में एक ‘अखंड पाठ’ का आयोजन किया गया था. ये ‘अखंड पाठ’ 15 सितंबर से शुरू हुआ था और 17 सितंबर को पीएम के जन्मदिन पर खत्म हुआ था. गुरुद्वारे में हुए इस ‘अखंड पाठ’ में हजारों सिख भक्तों ने हिस्सा लिया था. ये शायद इस तरह की पहली पहल थी, जब किसी गुरुद्वारे ने देश के प्रधानमंत्री के लिए ‘अखंड पाठ’ का आयोजन किया था. इस अवसर पर गुरुद्वारे में लंगर, हेल्थ कैंप और ब्लड डोनेशन कैंप का भी आयोजन किया गया था.