गुजरात चुनाव में अब AAP ने मनीष सिसोदिया को उतारा, प्रचार में ED और CBI को बनाया हथियार

Manish Sisodiya

गुजरात चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) पूरी ताकत के साथ मैदान में है. अभी तक AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल अकेले ही माहौल बनाने में जुटे थे, लेकिन चुनाव करीब आने के साथ ही आम आदमी पार्टी ने अब दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी मैदान में उतार दिया है. मनीष सिसोदिया 21 सितंबर को परिवर्तन यात्रा के माध्यम से चुनाव प्रचार में शामिल होंगे. इसके बाद वह लगातार विभिन्न इलाकों में जाकर पार्टी से लोगों को जोड़ने का काम करेंगे. उनका मुख्य फोकस उत्तर गुजरात होगा. यहां वह पार्टी की ओर से निकाली जा रही परिवर्तन यात्रा का नेतृत्व करेंगे.

बता दें कि दो दशक से भी अधिक समय से गुजरात में राज कर रही भाजपा को इस बार के विधानसभा चुनाव में कड़ी टक्कर मिल रही है. यह टक्कर कोई और नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी ही दे रही है. अरविंद केजरीवाल के लगातार चुनाव प्रचार की वजह से विधानसभा की कई सीटों पर भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है. ऐसे में अब मनीष सिसोदिया को भी चुनाव प्रचार में उतार कर पार्टी ने तुरुप का इक्का चल दिया है. पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक खुद अरविंद केजरीवाल भी 20 सितंबर यानी मंगलवार को बड़ोदरा में चुनाव प्रचार करने के लिए पहुंच गए हैं. इस दौरान वह टाउन हॉल मीटिंग और प्रेस कांफ्रेंस भी करेंगे. इसी बीच पार्टी ने मनीष सिसोदिया का कार्यक्रम घोषित कर दिया है.

दिल्ली मॉडल को गुजरात में भुनाने की कोशिश

आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात मॉडल के सापेक्ष दिल्ली मॉडल को पेश किया है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुजरात के चुनाव में लगातार मुफ्त बिजली के अलावा चिकित्सा और शिक्षा का मुद्दा उठा रहे हैं. गुजरात की जनता को यह मुद्दे पसंद भी आ रहे हैं. खासतौर पर सीमांत क्षेत्रों में जहां आजादी के 75 साल बाद भी ना बिजली पहुंच पायी है और ना ही चिकित्सा या शिक्षा के ही इंतजाम हैं, इन्हीं मुद्दों पर केजरीवाल को काफी लोकप्रियता मिल रही है.

ED और CBI को बनाया हथियार

दिल्ली में जो ईडी और सीबीआई आम आदमी पार्टी के नेताओं के लिए लगातार मुसीबत बन रही है, गुजरात चुनाव में आम आदमी पार्टी ने इसी को हथियार बना लिया है. आम आदमी पार्टी के नेता खासतौर पर मनीष सिसोदिया आम जनता के बीच यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें रोकने के लिए ही भाजपा ने ईडी और सीबीआई को उनके पीछे लगा दिया है.