खाकी पर फिर लगा दाग! महिला मित्र के साथ KGMU परिसर में टहल रहे थे डॉक्टर को दारोगा ने दी फर्जी केस में फंसाने की धमकी, हुए सस्पेंड

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में एक बार फिर खाकी पर दाग लगा है. लखनऊ में किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज (KGMU) परिसर में चौक कोतवाली के सब इंस्पेक्टर और दो सिपाहियों ने जूनियर डॉक्टर और उनकी महिला मित्र से बदसलूकी की. पुलिस कर्मियों ने डॉक्टर को फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर रुपये ऐंठने की कोशिश की. जिसके बाद वहां जमकर हंगामा हुआ. वहीं पुलिस अफसरों की जांच में पुलिस दारोगा दोषी पाए गए हैं. जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है. इससे पहले 16 अप्रैल को मड़ियांव कोतवाली में तैनात सिपाही अनिल सिंह और सुधीर ने प्रॉपर्टी डीलर अतुल सिंह का अपहरण कर 70 हजार रुपये वसूले थे.

जानकारी के मुताबिक डॉक्टर अपनी महिला मित्र के साथ घूम रहे थे. तभी चौकी के दारोगा और पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और डॉक्टर को धमकाया और फर्जी केस में फंसाने की बात कहकर पैसे ऐंठने की कोशिश की. इसके बाद डॉक्टर ने अपने सहयोगियों को फोन किया. जिसके बाद जूनियर डॉक्टर की सूचना पर कई मेडिकल छात्र वहां पहुंचे और छात्रों को एकजुट होते देख पुलिसकर्मी मौके से फरार हो गए. जब केजीएमयू प्रशासन से इस बारे में जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने जांच की तो पुलिसकर्मियों को दोषी पाया. इसके बाद एसीपी चौक आईपी सिंह की रिपोर्ट पर बुधवार रात आरोपी सब इंस्पेक्टर अशोक कुमार को सस्पेंड कर दिया गया जबकि सिपाही चंदन और रमन को लाइन हाजिर कर दिया गया. बताया जा रहा है कि पीड़ित डॉक्टर और उसके महिला मित्र ने इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं कराई है.

रात में महिला मित्र के साथ घूम रहे थे डॉक्टर

एसीपी चौक आईपी सिंह के मुताबिक सोमवार रात डॉक्टर अपनी परिचित महिला के साथ परिसर में टहल रहे थे. इस दौरान इंस्पेक्टर अशोक सिपाही रमन और चंदन को लेकर वहां पहुंचे थे और डॉक्टर को महिला के साथ घूमता देख तीनों पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बदसलूकी की. इस पर डॉक्टर ने आपत्ति जताई तो पुलिसकर्मी धमकी देने लगे. इस मामले की जानकारी जब डॉक्टर ने अपने साथियों को दी तो वह वहां पहुंचे और भीड़ को वहां आता देख पुलिसकर्मी भाग गए.

पैसे नहीं देने पर दी जेल भेजने की धमकी

जानकारी के मुताबिक केजीएमयू में गश्त के बहाने सिपाही अशोक, सिपाही चंदन और रमन महिला और डॉक्टर से पैसे वसूलना चाहते थे. उन्होंने डॉक्टर से फोन भी छीन लिया. इसके बाद उन्होंने डॉक्टर से पैसे भी मांगे थे और कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो जेल भेज दिया जाएगा. जब इस मामले की शिकायत मिली तो पुलिस अफसरों ने अपने स्तर पर जांच की और मामले को सही पाया.

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