क्लीन एनर्जी से अगले तीन सालों में पैदा होंगी 1.5 करोड़ नौकरियां, 10 फीसदी घट जाएगा आपका बिजली बिल

Solar energy

जिस तरह ग्लोबल वॉर्मिंग की समस्या गंभीर हो रही है, उसे देखते हुए क्लीन एनर्जी (Clean Energy) की दिशा में बढ़ना मानव सभ्यता के लिए बहुत जरूरी हो गया है. पूरी दुनिया एनर्जी के लिए उर्जा के स्वच्छ स्रोत की तरफ बढ़ रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) से स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग की ओर तेजी से बढ़ने से साल 2025 तक भारत में 1.5 करोड़ नौकरियों के अवसर पैदा हो सकते हैं. साथ ही बिजली बिल पर होने वाले खर्च की बचत बढ़ सकती है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत 2025 तक प्रति व्यक्ति बिजली पर आने वाले खर्च में आठ डॉलर या 10 फीसदी की कटौती कर सकता है. इसमें कहा गया है कि भारत में यह कटौती 2030 तक 34 डॉलर या 31 फीसदी और 2035 तक 74 डॉलर या 52 फीसदी होने का अनुमान है.

वहीं, नौकरियों के मामले में, रिपोर्ट में कहा गया है कि स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ने से साल 2025 तक भारत में 1.5 करोड़ नौकरियों के अवसर पैदा हो सकते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारों ने साल 2025 तक सभी जीवाश्म ईंधन सब्सिडी को खत्म करने के लिए इस साल राष्ट्रीय कार्य योजना बनाई है. इसमें जी-7 राष्ट्रों (G-7 nations) से घरेलू कोयला चालित ताप बिजली घरों को चरणबद्ध तरीके से 2030 तक बंद करने और तेजी से नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने को कहा गया है, ताकि अगले आठ वर्षों में 70 फीसदी के लक्ष्य को हासिल किया जा सके. वी मीन बिजनेस कोलिशन की सीईओ मारिया मेंडीलुस ने कहा, विश्व के लोगों को जलवायु और आर्थिक आपदा से बचाने के लिए हम जी-7 नेताओं से इस रिपोर्ट में जिक्र की गई नीतियों को लागू करने का आग्रह करते हैं.

क्लाइमेट चेंज गंभीर समस्या बन चुकी है

90 के दशक की शुरुआत में माना जा रहा था कि धरती का तापमान 21वीं शताब्दी के आखिर तक 2 डिग्री बढ़ जाएगा, अब यह समय सीमा खिसकककर अगले 5 सालों पर पहुंच गई है. ऐसे में तमाम स्तरों पर क्लाइमेट चेंज (Climate Change) से लड़ने के लिए क्लीन और रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) की बात हो रही है. सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी ईवी के भरोसे दुनिया को बचाने की कसमें खाई जा रही हैं. भारत में सोलर पैनल तो अब कस्बों और गांवों में लगने लगे हैं.

क्लीन एनर्जी पर मिलती है सब्सिडी

अपने देश में सोलर एनर्जी को बहुत तेजी से स्वीकार किया जा रहा है. रिसर्च कंपनी मेरकॉम इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च तिमाही में सौर ऊर्जा (Solar Power) क्षमता स्थापित करने में पिछले साल के मुकाबले 50 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई. भारत में जनवरी-मार्च, 2022 की तिमाही में 3000 मेगावॉट से अधिक की सौर ऊर्जा क्षमता (solar capacity installations) स्थापित की गई है. पिछले साल की समान अवधि में दो हजार मेगावॉट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की गई थी. देश में बिजली की बढ़ती मांग और कोयले (Coal) के बढ़ती कीमत और पर्यावरण पर असर को देखते हुए सरकार अक्षय ऊर्जा पर अपना फोकस बढ़ा रही. इसके लिए सरकार सब्सिडी से लेकर जागरुकता अभियान तक चला रही है. जिसका असर सौर ऊर्जा के विस्तार के रूप में देखने को मिल रहा है.

(भाषा इनपुट के साथ)

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