क्या है राजस्थान में पेट्रोल खत्म होने की कहानी? क्यों पंपों पर नहीं मिल रहा है फ्यूल… पढ़ें-पूरी डिटेल!

Petrol Pump

राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की किल्लत (Rajasthan Fuel Crisis) सुर्खियों में है. खबरें आ रही है कि राजस्थान में कई पेट्रोल पंप पर फ्यूल नहीं है और कई पंप पर लिमिट में तेल दिया जा रहा है. पेट्रोल की कमी की खबरों का नतीजा ये हुआ कि राजस्थान के कई पंपों पर रात में भारी भीड़ नजर आई. माना जा रहा है कि फ्यूल सप्लाई प्रभावित होने की वजह से प्रदेश में फ्यूल की शॉर्टेज (Fuel Shortage in Rajasthan) हो गई है. बताया जा रहा है कि अगले 24 घंटे में भी पेट्रोल सप्लाई पहले की तरह नहीं होती है तो कई पंप बंद हो जाएंगे और ड्राई रन की स्थिति और भी बढ़ जाएगी.

ऐसे में सभी का सवाल है कि आखिर फ्यूल की सप्लाई किस वजह से प्रभावित हो रही है या फिर फिर किसी और कारण की वजह से राजस्थान में पेट्रोल-डीजल पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा है. तो हम आपको एक्सपर्ट और पेट्रोल पंप के कारोबारियों के जरिए बताते हैं कि आखिर वर्तमान में राजस्थान में क्या स्थिति है और किस वजह से प्रदेश में पेट्रोल संकट हो रहा है… जानते हैं पेट्रोल संकट से जुड़े हर एक सवाल का जवाब…

अभी राजस्थान में क्या हैं हालात?

रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 7 दिनों से प्रदेश के 6500 से ज्यादा पेट्रोल पंप पर तेल कंपनियां डिमांड के अनुसार सप्लाई नहीं कर रही है. पेट्रोल सप्लाई पर्याप्त ना होने से तेल खत्म होने की स्थिति हो रही है. बताया जा रहा है कि अगर अभी भी समय पर सप्लाई ठीक नहीं होती है तो कि कुछ घंटों में 500 से ज्यादा पंप बंद हो सकते हैं और 5000 पंप पर किल्लत दिखाई देगी. जिसके रूझान दिखने शुरू हो गए हैं. राजस्थान में मंगलवार रात को भी कई जगहों पर तेल नहीं था, जबकि कुछ पंप पर एक लिमिट में पेट्रोल दिया जा रहा था.

सप्लाई प्रभावित होने से करीब 50 फीसदी तक बिक्री प्रभावित हुई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वैसे राजस्थान में हर रोज 25 लाख लीटर पेट्रोल और 1 करोड़ लीटर डीजल की बिक्री होती है, जो आधी रह गई है. बताया जा रहा है कि अब सिर्फ 50 लाख लीटर डीजल ही बिक रहा है और पेट्रोल 12 लाख के करीब बिक रहा है. इससे बड़ी मात्रा में रेवेन्यु का भी नुकसान हो रहा है. राजस्थान में उदयपुर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, बांसवाड़ा, अलवर, कोटा में ज्यादा दिक्कत है.

क्यों हो रहा है फ्यूल का संकट?

एक्साइज ड्यूटी को बताया कारण- बता दें कि ड्रायआउट की वजह से रुक रुक कर पेट्रोल की सप्लाई हो रही है. सप्लाई कम होने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं, जिसमें केंद्र सरकार के पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाना भी एक अहम कारण है. बताया जा रहा है कि तेल कंपनियों ने एक्साइज ड्यूटी को लेकर सप्लाई कम कर दी है.

डिमांड बढ़ने को बताया कारण- वहीं, राजस्थान पेट्रोल-डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित बगई ने बताया है, ‘हाल ही में रिलायंस और एस्सार ने अपने पेट्रोल पंप बंद कर दिए हैं. वहीं, राजस्थान में 15 से 17 फीसदी बिक्री का हिस्सा इन दोनों पंपों का था और उनके बंद होने से डिमांड अन्य तेल कंपनियों पर बढ़ गई. इस वजह से कई जगह दिक्कत हो रही थी.’ साथ ही उन्होंने बताया, ‘उम्मीद कर रहे हैं कि शनिवार तक एचपीसीएल के बीच पेट्रोल आ जाएगा और स्थिति सामान्य आ जाएगी. वहीं, अन्य तेल कंपनियों ने भी सप्लाई में सुधार कर लिया है और अब स्थिति सामान्य हो रही है. यानी एक-दो दिन में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी.’

टैक्स को बताया कारण- इसके अलावा बताया जा रहा था कि प्रदेश में हो पेट्रोल पंपों की बाधित हो रही सप्लाई की वजह कंपनियों की नई पॉलिसी है, क्योंकि पेट्रोल- डीजल के दामों में 50 प्रतिशत तक का गवर्नमेंट टैक्स वसूला जा रहा है, लिहाजा इससे कंपनियों को घाटा हो रहा है. ऐसे में कंपनियां सप्लाई के लिए नई पॉलिसी चला रही है, जिससे असर अब प्रदेश में दिख रहा है.

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