क्या जगदानंद सिंह ही रहेंगे RJD के प्रदेश अध्यक्ष? पढ़ें लालू यादव का निर्देश

Tejaswi Jagdanand Singh

जगदाननंद सिंह एकबार फिर आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे. उन्हें एकबार फिर आरजेडी के प्रदेश की कमान सौंपी जाएगी. जगदानंद सिंह अभी भी इस पद के लिए पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद की पहली पसंद हैं. जिसके बाद उनका प्रदेश अध्यक्ष बनना लगभग तय है. वह सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष का नामांकन करेंगे. कहा जा रहा है कि वह पहले प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए तैयार नहीं थे. लेकिन लालू प्रसाद ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभालने का निर्देश दिया. इसके बाद वे इस पद के लिए तैयार हो गए हैं.

अनुशाषित और कड़े निर्णयों के लिए जाने, जाने वाले जगदानंद सिंह प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ने का मन बना चुके थे. उन्होंने अपनी इस इच्छा से लालू प्रसाद और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को भी अवगत कराया था. लेकिन इसके लिए लालू प्रसाद तैयार नहीं हुए.

लालू के कहने पर हुए राजी

लालू प्रसाद ने उनसे स्पष्ट कह दिया कि उनका पार्टी हित में अध्यक्ष बने रहना आवश्यक है. क्योंकि सत्ता में आने के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अनुशासित रहना और जरुरी हो गया है.इसके बाद लालू प्रसाद ने प्रदेश अध्यक्ष बनने की चाह रखने वाले नेताओं को जगदानंद सिंह का प्रस्तावक बना दिया.बताया जा रहा है कि अब्दुल बारी सिद्दिकी,उदय नारायण चौधरी,श्याम रजक, भूदेव चौधरी के नामों की चर्चा आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर सामने आ रही थी.

जगदाबाबू ने उम्र का दिया था हवाला

वहीं प्रदेश अध्यक्ष बनने की बात पर 80 वर्षीय जगदानंद सिंह ने कहा कि मेरा मन नहीं,शरीर थक गया है. पहले 12-12 घंटे तक काम करते थे, लेकिन अब 6 घंटे ही कर पा रहे हैं. हर आदमी के रिटायर होने की एक उम्र होती है. वैसे यह राष्ट्रीय अध्यक्ष का काम है कि वह कार्यभार किसे देंगे. हमने कभी इसकी इच्छा प्रकट नहीं की. हम किसी काम या जिम्मेवारी से भागते भी नहीं हैं. अपने राजनीतिक जीवन में लोहिया और कर्पूरी ठाकुर से यही सीखा है कि जनता के लिये दी हुई जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाओ

सुधाकर सिंह के पिता हैं जगदानंद सिंह

बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह जगदानंद सिंह के बेटे हैं है. पिछले दिनों सुधाकर सिंह के चोरों के सरदार वाले बयान के बाद महागठबंधन सरकार की खूब किरकिरी हुई थी. जिसके बाद नीतीश कुमार ने उन्हें टोका था, लेकिन सुधाकर सिंह अपने बयान पर अडिग रहे.