क्या आपको भी बुलडॉग खरीदना है… तो मत खरीदिए! जानिए- एक्सपर्ट ऐसा क्यों कह रहे हैं?

Bulldog

कुत्तों में एक नस्ल है, जिसका नाम है बुलडॉग (Bulldog). खासियत है लटकी हुई चमड़ी, चपटा चेहरा और नुकीले दांत. एक्टिव तो खैर काफी ज्यादा रहते ही हैं. डॉग लवर्स में एक बड़ा वर्ग इस ब्रीड के कुत्ते लाना पसंद करता है, हो सकता है कि आपकी भी ये पसंद हो. लेकिन, अब कुत्तों के डॉक्टर और एक्सपर्ट भी मना कर रहे हैं कि बुलडॉग खरीदने से बचें. खास बात ये है कि बुलडॉग को खरीदने से मना करने की वजह इंसान को होने वाला कोई नुकसान नहीं है, बल्कि बुलडॉग को होने वाली दिक्कत है. जी हां, आपके बुलडॉग पालने से उन्हें काफी मुश्किलें हो रही हैं.

एक रिसर्च में सामने आया है कि अब बुलडॉग को आम कुत्तों से ज्यादा दिक्कत हो रही है और उन्हें रिस्क है. हालात इतने पहुंच गए हैं कि रॉयल वेटरनरी कॉलेज के एक्सपर्ट का कहना है कि इस ब्रीड को फिर से ठीक होने तक ब्रिटेन में बुलडॉग को बैन किया जाए. दरअसल, लोगों में बुलडॉग पालने के चलन से इस पर प्रभाव पड़ रहा है. इसके अलावा लोगों से अपील की जा रही है कि वो बुलडॉग की तस्वीरें शेयर ना करें ताकि उसकी लोकप्रियता और ना बढ़े. ऐसे में जानते हैं कि आखिर क्यों कहा जा रहा है और इसके पीछे के क्या कारण है कि बुलडॉग को खतरा है…

क्यों बुलडॉग चर्चा में है?

बता दें कि पग, बुलडॉग या बॉक्सर्स ब्रैकिसेफलिक कुत्ते होते हैं. वे अपनी खास शक्ल के लिए पाले जाते हैं. हाल के दिनों में ब्रिटेन में पग्स की लोकप्रियता काफी बढ़ी है. ब्रिटेन में 2005 से लेकर 2017 में इनकी लोकप्रियता में पांच गुना इजाफा हुआ है. लेकिन अब ये नस्ल जोखिम में है. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक रिसर्च में सामने आया है कि ये नस्ल, दूसरी नस्लों के मुकाबले काफी कम हेल्दी है. बुलडॉग के नाम से वाले ब्रिटिश बुलडॉग में सांस लेने में दिक्कत, आंखों में दिक्कत, स्किन में दिक्कत आदि बढ़ रही है. अभी इस नस्ल को काफी जोखिम में माना जा रहा है. वहीं, एक्सपर्ट का कहना है उनके शरीर की बनावट में बदलाव आ रहा है.

रिसर्च में सामने आया है कि बुलडॉग में अन्य कुत्तों के मुकाबले कोई भी परेशानी होने की संभावना दोगुनी हो गई है. वहीं, इसमें दूसरे कुत्तों के मुकाबले 38.12 फीसदी ज्यादा रिस्क है. इसके अलावा भी कई तरह की रिस्क इस नस्ल में देखी जा रही है. ऐसे अभी बुलडॉग चिंता का विषय बना हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, एक वक्त यानी करीब 1600 में यह मसक्युलर और एथलेटिक ब्रीड का कुत्ता था, लेकिन अब पालतू कुत्ता बन गया है. उस वक्त ये बुल फाइटिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता था, यानी काफी खतरनाक कुत्ता हुआ करता था. लेकिन, अब ये कई शारीरिक परेशानियों से जूझ रहा था.

बता दें कि नीदरलैंड और नॉर्वे जैसे देशों ने तो इसकी हेल्थ को देखते हुए इस पर बैन लगा दिया है. अब अपील की जा रही है कि एक लंबे वक्त तक इसे पालने से पहले सोचा जाए और इस ब्रीड में फिर से सुधार होने दिया जाए.

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