क्या आपका कूलर भी नहीं कर रहा है कमरा ठंडा? तो वजह पानी नहीं, ये हो सकती है

Air Cooler

कई हजार रुपये लगाकर इस भरी गर्मी में कूलर (Cooler Price) खरीद लाए, लेकिन वह ठंडी हवा नहीं देता. फिर उस कूलर का क्या मतलब. महंगा हो या सस्ता, कूलर का मतलब तभी है जब वह ठंडी हवा दे. ऐसी हवा जिससे चिलचिलाती गर्मी में सुकून मिले. आपने कूलर खरीद ही लिया तो उसमें क्या करें कि वह फिर से ठंडी हवा (Air Cooling) देने लगे. इसके लिए पहले तो यह पता करें कि आखिर क्या हुआ जो कूलर ने ठंडी हवा देनी बंद कर दी. अगर कोई दिक्कत आ भी गई है तो कूलर (Air Cooler) में क्या करें जिससे कि वह ठंडी हवा देने लगे. आप कुछ उपाय करें तो कूलर बिल्कुल दुरुस्त हो जाएगा.

कूलर से ठंडी हवा तभी आएगी जब उसमें लगी घास साफ हो या उसमें कोई गंदगी न जमी हो. घास की जगह पर आजकल हनीकॉम्ब लगाया जाता है. अगर हनीकॉम्ब भी गंदा हो गया है, तो कूलर बिल्कुल ही ठंडी हवा नहीं देगा. ऐसी स्थिति में कूलर और पंखे में कोई अंतर नहीं रह जाएगा. इसलिए सबसे पहले चेक करें कि घास तो गंदी नहीं. कहीं हनीकॉम्ब पर गंदगी, धूल-मिट्टी की परत तो नहीं चढ़ी? घास या हनीकॉम्ब पैड बाहर की हवा को सोखते हैं और कूलर की हवा को ठंडी फेंकते हैं. लेकिन हवा सोखने से घास या पैड पर गंदगी जम सकती है. इसका यही उपाय है कि उसे फौरन बदल दें. वैसे भी हर साल घास और हनीकॉम्ब पैड को बदलना चाहिए. आप भी इस नियम का पालन करें. पैड या घास बदलने से कूलर बाहर की ठंडी हवा खींचेगा और आपको भी ठंडी हवा देगा.

घास या हनीकॉम्ब बदलें

हनीकॉम्ब पैड को बदलने की जरूरत नहीं. उसे प्रेशर पाइप से धोएं. उस पाइप से धोएं जिसमें तगड़े प्रेशर पर पानी आता है. इससे पैड पर जमी गंदगी साफ हो जाएगी और कूलर ठंडी हवा देना शुरू कर देगा.

ठंडी हवा नहीं देने की दूसरी वजह हो सकती है कि बाहर की हवा में अधिक नमी हो. बारिश के दिनों में ऐसा होता है. हवा में नमी अधिक होती है. कूलर उस नमी को सोखकर आपको ठंडी हवा नहीं दे सकता. कूलर बस सामान्य हवा को अपने अंदर खींचकर उस पर पानी के फुहारे डालता है जिससे अंदर की ओर निकलने वाली हवा ठंडी हो जाती है. अगर हवा पहले से ही ठंडी हो तो उसे कूलर भी ठंडा नहीं कर सकता. इसमें हम या आप कुछ नहीं कर सकते. बरसात में यह आम समस्या है.

कूलर का रोटर चेक करें

ठंडी हवा नहीं देने की तीसरी वजह पंखी हो सकती है. इसे रोटर भी कहते हैं. कूलर में एक बार चेक करें कि उसकी पंखी तेज चल रही है या नहीं. अगर रोटर ही तेज न चले तो आपको ठंडी हवा अधिक कहां से मिल पाएगी. इसकी वजह हो सकती है कि पंखी खराब हो या उसमें लगा कैपेसिटर खराब हो. इन दोनों पार्ट्स को चेक करें और गड़बड़ हो तो बदलवा दें. ऐसा इसलिए भी हो सकता है कि उसकी मोटर खराब हो या कॉइल कमजोर हो गई हो. इसके लिए किसी मेकेनिक से दिखा लें. कॉयल खराब हो तो मार्केट में 900 रुपये तक में अच्छा-नया कॉयल आ जाता है.

चौथी वजह, क्या आपने कूलर को बंद कमरे में रखा है? अगर ऐसा है तो वह ठंडी हवा कैसे देगा. जब उसे फ्रेश हवा नहीं मिलेगी तो वह आपको फ्रेश और ठंडी हवा कहां से देगा. माना जाता है कि कमरे में कूलर बंद रखने से उसकी क्षमता आधा तक घट जाती है. अगर उसी कूलर को खिड़की पर लगाएं जहां उसे पीछे से ताजी हवा मिले तो उसकी ठंडी हवा देने की क्षमता दोगुनी तक बढ़ जाएगी. घर के अंदर कूलर रखने से एक ही हवा बार-बार कूलर से रूम में और रूम से कूलर में जाती है. इससे ताजी हवा का मतलब नहीं बनता और वह हवा गरम हो जाती है. ऐसे में आपको हवा तो लगेगी लेकिन उससे पसीने निकलेंगे. राहत के बदले आप चिपचिपाहट महसूस करेंगे. इसे फौरन खिड़की पर चला कर देखें, माजरा पूरी तरह से बदल जाएगा.

धूप में न रखें कूलर

पांचवीं वजह ये हो सकती है कि आपने कूलर को खिड़की पर तो लगा दिया, लेकिन उस पर सीधी धूप पड़ती है. ऐसे में उसकी घास गरम होगी और टैंक के अंदर का पानी भी गरम होगा. फिर उससे निकलने वाली हवा भी गरम होगी. इसलिए कूलर को खिड़की पर जरूर रखें लेकिन उसे सीधी धूप से बचाएं. टैंक में पानी गरम न हो, इसके लिए आजकल कूलर कंपनियां आइस क्यूब डालने के लिए इनलेट बनाती हैं ताकि पानी को ठंडा किया जा सके.

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