कोविड आंकड़ों को लेकर केरल और केंद्र के बीच ठनी, स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा- सरकार को दे रहे डेटा, नहीं छिपा रहे नंबर्स

Veena George

केरल सरकार (Kerala Government) ने मंगलवार को इस आरोप का खंडन किया कि राज्य ने केंद्र को कोविड-19 के दैनिक आंकड़े जमा नहीं किए. उसने इस संबंध में राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे अभियान को ‘निंदनीय’ करार दिया. स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज (Veena George) ने दावा किया कि राज्य ने निर्धारित प्रारूप में दैनिक आधार पर केंद्र सरकार को कोविड के आंकड़े प्रस्तुत किए है. उन्होंने कहा कि डिजिटल सबूतों को छुपाया नहीं जा सकता है. उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि केंद्र के पत्र की प्रति राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव तक पहुंचने से पहले मीडिया के पास पहुंच गई.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ये आरोप कि केरल सरकार केंद्र को कोविड डेटा नहीं दे रही है, ये बिल्कुल गलत है. हम 2020 से डेटा भेज रहे हैं और ऐसा करना जारी रखे हुए हैं. बात बस इतनी है कि हमने राज्य में डेली कोविड बुलेटिन को पब्लिश करना बंद कर दिया है. लेकिन मेल भेज रहे हैं. उन्होंने कहा, हम केंद्र सरकार द्वारा सुझाए गए प्रारूप में राष्ट्रीय निगरानी इकाई को दैनिक (कोविड) रिपोर्ट दे रहे हैं. ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र सरकार का एक जिम्मेदार व्यक्ति प्रधान सचिव को एक पत्र भेज रहा है, जिसमें कहा गया है कि केरल केंद्र को डेटा नहीं दे रहा है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य जल्द ही केंद्र के पत्र का जवाब देगा जिसमें सभी विवरण दिए जाएंगे.

केंद्र को दिए जा रहे हैं आंकड़ें: स्वास्थ्य मंत्री

वीना जॉर्ज ने कहा कि राज्य ने वायरस से प्रभावित लोगों की संख्या में गिरावट के कारण 10 अप्रैल से दैनिक कोरोनावायरस के आंकड़े प्रकाशित करना बंद कर दिया था. उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार का फैसला था. उन्होंने कहा कि लेकिन कोविड के आंकड़ों को सख्ती से एकत्र किया जा रहा है, केंद्र को प्रस्तुत किया जा रहा है और इसकी सटीक समीक्षा की जा रही है. उन्होंने कहा कि अगर मामले फिर बढ़ेंगे तो आंकड़ों को फिर से प्रकाशित किया जाएगा. जॉर्ज ने कहा, यह तर्क कि केरल ने केंद्र को कोविड के आंकड़े जमा नहीं किए, गलत है. उन्होंने कहा कि केरल में सोमवार को कोविड के 209 नए मामले मिले थे.

दरअसल, स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने केरल के स्वास्थ्य सचिव राजन खोबरागड़े को लिखा था कि केरल ने 13 अप्रैल से पांच दिनों के अंतराल के बाद कोविड-19 मामलों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि महामारी को समझने के लिए आंकड़ों की जरूरत होती है. इसी मामले को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच ठन गई है.

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