कोरोना काल में पैरोल पर गए 15 कैदी… 5 महीने बाद भी नहीं लौटे वापस, खोजे नहीं मिल रहे पिता-पुत्र; रिकॉर्ड में दर्ज पते तक गलत

Unnao News

कोरोना काल के दौरान जेलों का बोझ कम करने के लिए 7 साल या उससे कम सजा वाले कैदियों को मिली तीन-तीन महीने की पैरोल खत्म हो चुकी है. लेकिन, अभी भी 15 बंदी नहीं लौटे हैं. जिन्हें फरार भी कहा जा सकता है. इनमें पिता-पुत्र तो ऐसे हैं कि उनका अभिलेखों में दर्ज पता तक गलत है. जिसको लेकर उन्नाव (Unnao) जिला जेल प्रशासन काफी परेशान है. बता दें, कोरोना काल में करीब 44 कैदियों को तीन महीने की पैरोल पर छोड़ा गया था. इसके बाद कई चक्रों में इन कैदियों की पैरोल तीन-तीन महीने बढ़ाई गई. अब जब स्थितियां पूरी तरह से सामान्य हो चुकी हैं, तो उन कैदियों की पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद उनकी वापसी के आदेश हो गए हैं. शासन के इसी निर्देश के तहत अब तक पैरोल पाने वाले कैदियों में 29 ने जेल में अपनी हाजिरी दर्ज कराते हुए वापसी कर ली है. इसी क्रम में 14 जून को महेंद्र जायसवाल में निवासी गोंडा ने पैरोल समाप्त होने के बाद जेल से मिली सूचना के आधार पर आमद करा ली है. लेकिन, अभी भी 15 बंदी ऐसे हैं, जो अब तक नहीं लौटे हैं.

उधर, संबंधित थाना पुलिस भी फिलहाल रुचि नहीं ले रही है. इसके अलावा पैरोल से न लौटने वाले कैदियों में एक नाम शेरू निवासी कानपुर का भी शामिल हैं. जिसके लिए प्रभारी जेल अधीक्षक राजीव कुमार सिंह ने कानपुर पुलिस कमिश्नर और संबंधित थाना पुलिस को पत्र एसपी उन्नाव और डीएम के माध्यम से भेजा गया है. इसके अलावा जिले के भी विभिन्न थानों को वापस न लौटने वाले कैदियों की सूची भेजी गई है.

खोजे नहीं मिल रहे पिता-पुत्र

पैरोल से वापस न लौटने वाले कैदियों की सूची में शामिल राकेश और उसका पुत्र रवि निवासी सकूराबाद फतेहपुर चौरासी भी शामिल है. इनकी वापसी न होने पर जेल प्रशासन ने खोजबीन की, तो थाना पुलिस ने जवाब आया कि उनका पता गलत है. अब दोनों की तलाश कैसे हो जेल प्रशासन ने एसपी को पत्र भेजा है.

ये भी नहीं लौटे अब तक

पैरोल से वापस नहीं लौटने वाले कैदियों में अजय उर्फ मेवालाल, धर्मपाल, जंगबहादुर, धनी, बाबू पंकज सिंह, सुंदारा, नन्हक्के, श्रीनिवास, भुल्ली उर्फ प्रेमशंकर,शिवरतन, सूर्यपाल बंदी भी शामिल हैं. कार्यवाहक जेल अधीक्षक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि कोविड काल में जिला कारागार उन्नाव से 44 दोष सिद्ध बंदियों को रिलीज किया गया था, उनमें से 8 बंदी ऐसे हैं, जो फाइनली रिलीज हो गए हैं. जमानत हो गई है या फिर सजा पूरी हो गई. 15 बंदी शेष है, जिनकी गिरफ्तारी बाकी है. संबंधित थाना अध्यक्ष को और एसपी को लेटर भेजा गया है.

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