कृषि मंत्री ने कहा-वर्तमान समय के अनुकूल है जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना

Natural Farming

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि जैविक व प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को बढ़ावा देना वर्तमान समय के अनुकूल है. जैविक खेती का रकबा व उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने लार्ज एरिया सर्टिफिकेशन की पॉलिसी (Certification Policy) बनाकर सिक्किम, अंडमान-निकोबार, लद्दाख, लक्षदीप जैसे क्षेत्रों के काफी बड़े हिस्से को जैविक क्षेत्र घोषित किया है. योजनाबद्ध कार्य कर 38 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती (Organic farming) में कवर किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राकृतिक खेती पर भी जोर दे रहे हैं, जो प्राचीन भारतीय कृषि पद्धति ही है. इसके लिए मिशन मोड पर काम शुरू किया जा रहा है.

केंद्रीय मंत्री तोमर ने यह बात बृहस्पतिवार को पूसा, नई दिल्ली में आयोजित बायो कृषि एशिया में कही. तोमर ने इस बात पर संतोष जताया कि भारत सहित एशिया में जैव कृषि के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है. कृषि व जैव कृषि के क्षेत्र में सभी पक्षों को साथ लाने की यह अच्छी पहल है. इस तरह के आयोजन वैश्विक स्तर पर गति प्रदान करेंगे. तोमर ने कहा कि हमारा देश कृषि की दृष्टि से बहुत गंभीर है, जहां कृषि की प्रधानता है व बड़ी आबादी की निर्भरता इस पर है.

पौने चार लाख करोड़ रुपये के कृषि उत्पादों का एक्सपोर्ट

तोमर ने कहा कि कृषि हमारी अर्थव्यवस्था में रीढ़ के समान हैं. कोरोना (Covid-19) के संकटकाल जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में भी हमारे कृषि क्षेत्र ने सकारात्मक प्रदर्शन किया है. कृषि उपज का निर्यात भी काफी बढ़ा है. वर्ष 2021-22 में कृषि एवं सम्बद्ध निर्यात लगभग पौने 4 लाख करोड़ रुपये का रहा, जो बीते साल से लगभग 24.5 प्रतिशत अधिक है. उन्होंने कहा कि किसानों व वैज्ञानिकों के अथक प्रयासों तथा सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण बंपर उत्पादन हो रहा है. वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से अन्य देशों को भी हम आपूर्ति कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की इस सैद्धांतिक ताकत को पूरी दुनिया में स्थापित किया है.

इन योजनाओं से बदलेंगे कृषि क्षेत्र के हालात

तोमर ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए हर साल 6 हजार रुपये की आय सहायता प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (PM-kisan Scheme) के तहत दी जा रही है. इसके करीब 11 करोड़ लाभार्थियों को अब तक 1.81 लाख करोड़ रुपये की मदद दी जा चुकी है. एक लाख करोड़ रुपये का एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड स्थापित किया गया है. जिससे इस क्षेत्र का विकास होगा. ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि संबंधित सुविधाएं जुटाई जाएंगी.

इसके अलावा 10 हजार नए कृषक उत्पादक संगठन बनाने, किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) बनाकर किसानों को अल्पकालिक सरल ऋण उपलब्ध कराने, प्रधानमंत्री फसल बीमा द्वारा प्राकृतिक आपदाओं की जोखिम कवर करने सहित अनेक कल्याणकारी योजनाएं-कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इस अवसर पर फिलीपींस के कृषि मंत्री डॉ. विलियम डार, भारत में अर्जेटीना के राजदूत हुगो हेवियर गोब्बी सहित कई लोग मौजूद रहे.

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