कूनो के माहौल में ढलने की कोशिश कर रहे चीते, नए बसेरे को निहारते दिखे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते शनिवार 17 सितंबर को अपने जन्मदिन के मौके पर मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में आठ चीते छोड़े. इन चीतों को नामीबिया से लाया गया है. इनमें तीन नर चीते और पांच मादा शामिल हैं.

चीता (फाइल फोटो).

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते शनिवार 17 सितंबर को अपने जन्मदिन के मौके पर मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में आठ चीते छोड़े. इन चीतों को नामीबिया से लाया गया है. इनमें तीन नर चीते और पांच मादा शामिल हैं. आठों चीते रविवार को पार्क में अधिकांश समय अपने-अपने स्पेशल बाड़े में विचरण एवं आराम करते हुए नजर आए. इससे लगता है कि वह धीरे-धीरे अपने नए परिवेश के वातावरण में ढल रहे हैं.

चीतों की निगरानी एवं अध्ययन कर रहे विशेषज्ञों ने बताया कि ये सभी चीते अपने नए बसेरे को बड़ी उत्सुकता से निहारते रहे और स्वस्थ एवं तंदुरुस्त दिखे. उन्होंने कहा कि इन सभी को विशेष बाड़ों में एक महीने के लिए आइसोलेशन पर रखा गया है. सभी चीतों ने आज बाड़े में रखा पानी भी पिया. भारत और नामीबिया के पशु चिकित्सक और विशेषज्ञ इन पर कड़ी नजर रख रहे हैं.

चीतों को दिया जाएगा भैंस का मांस

विशेषज्ञों ने बताया कि एक महीने तक चलने वाली आइसोलेशन की अवधि के दौरान उन्हें भैंस का मांस देने पर काम कर रहे हैं. कूनो नेशनल पार्क के संचालक उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि लोग मानते हैं कि तीन दिन बाद चीता खाता है. एक बार शिकार कर लेगा और उसे खाने के तीन दिन बाद ही चीता दोबारा खाता है. चीते रोजाना भोजन नहीं करते. दो दिन पहले नामीबिया से भारत के लिए रवाना होने से पहले उन्हें भैंस का मांस दिया गया था.

चीते अपने नए परिवेश को जानने की कोशिश कर रहे

कूनो नेशनल पार्क के संचालक उत्तम कुमार शर्मा ने कहा कि उन्हें आज भोजन दिया जाएगा. वहीं जब उनसे सवाल किया गया कि कल चीते सहमे हुए दिख रहे थे, अब कैसे हैं तो इस पर उत्तरम कुमार शर्मा ने कहा, अब चीते सक्रिय हैं और उनका स्वास्थ्य ठीक है. वे अपनी दिनचर्या करते रहते हैं. इधर-उधर घूमते रहते हैं, बैठ जाते हैं, पानी पी लेते हैं. उन्होंने कहा कि चीते अपने नए परिवेश को जानने की कोशिश कर रहे हैं.

नाम बदलने पर नहीं हो रहा विचार

कूनो नेशनल पार्क के संचालक उत्तम कुमार शर्मा ने कहा कि इन चीतों को नामीबिया से ही नाम दिए गए हैं और हमने उनका नाम नहीं बदला है. फिलहाल हम उनके नाम बदलने पर विचार नहीं कर रहे हैं. नामीबिया से विशेष विमान से लाए गए इन आठों चीतों को कूनो नेशनल पार्क में 17 सितंबर की सुबह को छोड़ा गया, जिससे यह पार्क पूरी दुनिया में सुर्खियों में आ गया है.

पांच मादा और तीन नर चीते

इन आठ चीतों में से पांच मादा और तीन नर हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने 1952 में भारत में विलुप्त हुए चीतों की आबादी को फिर से बसाने की परियोजना के तहत इस उद्यान के विशेष बाड़ों में छोड़ा और उस समय ये सहमे हुए नजर आ रहे थे. हालांकि, बाद में विचरण करने लगे थे.

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(भाषा के इनपुट के साथ).

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