कारोबारियों के लिए खुशखबरी, GST काउंसिल छठे ई-इनवॉयस जनरेशन पोर्टल को देगी मंजूरी

e-invoice generation portal

बिजनेस करने वालों के लिए अच्छी खबर है. सरकार ई-इनवॉयस (e-invoice) रजिस्टर करने के लिए पोर्टल्स की संख्या केवल एक से बढ़ाकर छह कर रही है. अगले हफ्ते गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) काउंसिल की होने वाली बैठक में इसकी मंजूरी मिल सकती है. इनडायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में रिसाव को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है. ई-इनवॉयसिंग के दायरे का विस्तार करने के लिए पोर्टल नवीनतम कदम है. बता दें कि 2020 में 500 करोड़ रुपए के राजस्व वाली कंपनियों के लिए ई-इवॉयसिंग को अनिवार्य बना दिया था. 1 अप्रैल 2022 से अब 20 करोड़ रुपए से ज्यादा के टर्नओवर वाले कारोबार के लिए इलेक्ट्रॉनिक इनवॉयस अनिवार्य हो गया है.

पिछले साल के आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि पात्र जीएसटी आईडेंटिफिकेशन नंबर (GSTINs) में से केवल आधे ही इन इनवॉयस को जनरेट कर रहे थे. सिंगल ई-इनवॉयस पोर्टल अब तक राज्य के स्वामित्व वाले नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) द्वारा चलाया जाता है, जो अब एक और पोर्टल स्थापित करना चाहता है.

इसके अलावा, GSTN ने इनवॉयस रजिस्ट्रेशन पोर्टल (IRPs) स्थापित करने के लिए चार और कंपनियों Cygnet InfoPath, IRIS Business Services, Defmacro Software (Cleartax) और EY LLP को सूचीबद्ध किया है.

GST काउंसिल को अगले सप्ताह होने वाली बैठक में इकी जानकारी दी जाएगी. बैठक में प्रस्तावित दूसरे एनआईसी पोर्टल को काउंसिल द्वारा मंजूरी के लिए लिया जाएगा. टैक्सपेयर्स के पास IRPs के बीच चयन करने का विकल्प होगा. सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि लंबी कतारों में किसी भी तरह की गड़बड़ी या चुनौतियों की स्थिति में लोड को छह पोर्टलों के बीच संतुलित किया जा सके.

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