कानपुर में मदरसों का सर्वे शुरू, नहीं दिखा सके जमीन के कागज, 7 दिन की मोहलत

Kanpur

उत्तर प्रदेश के कानपुर में मदरसों का सर्वे शुरू हो गया है. राज्य सरकार के आदेश के 6 दिन बाद आज कानपुर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और एसडीएम सदर की अगुवाई में मदरसा सर्वे का काम शुरू हुआ. सरकार ने सभी जिलों से 25 अक्टूबर तक सर्वे रिपोर्ट मांगी है. कानपुर के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पास पहले से ही 22 गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की शिकायत दर्ज थी. सरकार के निर्देश पर गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की 12 बिंदुओं पर जांच होगी.

जिसमें मदरसे का नाम,मदरसे को चलाने वाली संस्था, स्थापना वर्ष, मदरसे की बिल्डिंग का संपूर्ण विवरण, क्या मदरसे का भवन छात्र-छात्राओं के लिए उपयोगी है? (सुरक्षित भवन/ पेयजल/ फर्नीचर/ विद्युत आपूर्ति/ शौचालय आदि),मदरसे में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की कुल संख्या कितनी है, मदरसे में कुल शिक्षकों की संख्या क्या है?,मदरसे में लागू पाठ्यक्रम क्या है?,मदरसे की आय का स्रोत क्या है?,क्या इन मदरसों में पढ़ रहे छात्र-छात्राएं किसी और शिक्षण संस्थान स्कूल में नामांकित हैं?,क्या किसी गैर सरकारी संस्था या समूह से मदरसे की संबद्ध है? अगर हां तो विवरण देना होगा.

DTS मदरसे से सर्वे की शुरुआत

टीम ने प्रदेश के बड़े मदरसों में शुमार जाजमऊ स्थित DTS मदरसे से सर्वे की शुरुआत की. मदरसों के सर्वे एसडीएम सदर हिमांशु नागपाल और जिला अल्पसंख्यक अधिकारी पवन कुमार टीम के नेतृत्व में की जा रही है. कानपुर के जाजमऊ इलाके में शुरू हुए सर्वे में अधिकारियों ने मदरसे के जिम्मेदारों के साथ बच्चों से भी बात की. अधिकारियों ने बिल्डिंग के कमरे का भी मुआयना किया.

टीम के सर्वे के दौरान मदरसों के जमीनी कागजात भी चेक किए जाएंगे. आज हुए सर्वे के दौरान जाजमऊ स्थित टीडीएस मदरसा सोसाइटी की जमीन पर बने मदरसे के कागज नहीं दिखाए जा सके. टीम ने मदरसा कमेटी को कागज दिखाने के लिए 7 दिन की मोहलत दी है. सर्वे के पहले दिन प्रशासनिक टीम ने जाजमऊ स्थित 2 मदरसों का सर्वे किया और 12 बिंदुओं पर जांच शुरू की.

सोसाइटी की जमीन पर चल रहा मदरसा

सर्वे के पहले दिन टीम के टारगेट में आए दोनों ही मदरसे प्रदेश के बड़े मदरसों में शुमार हैं. टीम ने मदरसे की बिल्डिंग का भी निरीक्षण किया. टीमों ने जांच के दौरान पाया कि एक मदरसा वक्फ संपत्ति और दूसरा मदरसा सोसाइटी की जमीन पर चल रहा है. आईएएस SDM सदर हिमांशु नागपाल और जिला अल्पसंख्यक अधिकारी पवन सिंह की टीम आज सुबह 11 बजे जाजमऊ स्थित दारूल तालीम बसनात (टीडीएस) और मदरसा जामिया महमूदिया अशरुफ उलूस का सर्वे करने पहुंची थी.

मौके पर टीडीएस मदरसा सोसाइटी की जमीन पर चलता मिला. अधिकारियों के कागज मांगे जाने पर मौके पर मदरसे के जिम्मेदार जमीन के कागज नहीं दिखा सके. तब अधिकारियों ने 7 दिन का समय देकर जमीन के कागज प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं. वहीं दूसरा मदरसा जामिया मदरसा वक्फ संपत्ति की भूमि पर संचालित है. इनके भी कागज मांगे गए हैं. सर्वे के दौरान टीम को मौके पर बच्चे अरबी आलिया सहानिया पढ़ते लिखते और कलमा याद करते हुए मिले.

जमीन के कागज दिखाने के लिए 7 दिन की मोहलत

सर्वे टीम को जाजमऊ में मदरसे के कैंपस के ही अंदर टीडीएस इंटर कॉलेज भी चलता मिला. सर्वे टीम की पूछताछ में मदरसे के संचालक बताया कि मदरसे में पढ़ रहे छात्रों का स्कूल में भी एडमिशन कराया गया है. जिसकी संपूर्ण जानकारी टीम ने उपलब्ध कराने को कहा है. सर्वे टीम ने सिलेबस के साथ ही बच्चों से भी कई बिंदुओं पर जानकारी ली.

कानपुर एसडीएम सदर हिमांशु नागपाल ने सर्वे के बाद बताया कि तहसील सदर में 25 मदरसे संचालित हैं. कानपुर में कुल 45 मदरसे हैं, जिनकी जांच अभी की जानी है. कानपुर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन सिंह ने कहा कि सर्वे पूरा होने के बाद भी शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी.