कांग्रेस की नैया पार लगाने के लिए प्रशांत किशोर ने तैयार किया ये प्लान, गैर गांधी को अध्यक्ष बनाने का सुझाव

Prashant Kishor

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस (Congress) में बदलाव की मांग एक बार फिर उठने लगी है. इस बीच चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस की डूबी नैया पार कराने के लिए अहम प्लान तैयार किया है. News9 ने कांग्रेस को पुनर्जीवित करने के लिए चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की ओर से की गई कुछ प्रमुख सिफारिशों की जानकारी प्राप्त की है. प्रशांत किशोर ने सुझाव दिया है कि कांग्रेस का अध्यक्ष गैर गांधी परिवार से होना चाहिए. उनका सुझाव है कि सोनिया गांधी यूपीए अध्यक्ष के रूप में काम जारी रख सकती हैं और राहुल गांधी संसद में पार्टी व नेताओं का नेतृत्व कर सकते हैं लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष को गैर-गांधी होना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस पार्टी के लिए ‘इंडिया डिजर्व्स बेटर’ जैसे अभियान का भी प्रस्ताव रखा है.

कांग्रेस को फिर से खड़ा करने के लिए प्रशांत किशोर ने जो योजना तैयार की है, वो ‘नटराज’ से प्रेरित है. नटराज भगवान शिव के रूप हैं, जिन्हें ब्रह्मांड के निर्माता, संरक्षक और संहारक के रूप में भी जाना जाता है. प्रशांत किशोर ने सुझाव दिया है कि खुद को फिर से खड़ा करने के लिए कांग्रेस को 6 मूलभूत संकल्प लेने होंगे. प्रशांत किशोर ने अपनी सिफारिश में साफतौर पर कहा है कि कांग्रेस अब एक लोकतांत्रिक संगठन नहीं रह गया है. प्रशांत किशोर ने कहा है कि 65 प्रतिशत जिला अध्यक्षों और 90 प्रतिशत ब्लॉक अध्यक्षों की कांग्रेस अध्यक्ष या महासचिव के साथ कोई बैठक नहीं हुई है.

5 कदमों को अपनाकर हो सकता है सुधार- प्रशांत किशोर

उनका कहना है कि पिछले 25 साल में कांग्रेस के पास कोई तैयार राष्ट्रीय स्तर का सदस्यता अभियान नहीं था. प्रशांत किशोर ने कांग्रेस में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के भी संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा है कि 66 सीडब्ल्यूसी सदस्यों में से केवल 2 सदस्यों की ही उम्र 45 साल से कम है. प्रशांत किशोर की ओर से कांग्रेस की डूबी नैया पार लगाने के लिए जो सिफारिशें की गई हैं, उसके अनुसार कांग्रेस की बुनियाद तो वही रहेगी लेकिन उसे नया अवतार मिल जाएगा. प्रशांत किशोर ने सुधार की प्रक्रिया को शुरू करने के लिए 5 कदमों को अपनाए जाने की सिफारिश की है. उनका सुझाव है कि गठबंधन की पहेली को सुलझाने के बाद कांग्रेस नेतृत्व में भी समस्या ठीक करने की जरूरत पड़ेगी.

डिजिटल प्रचार करने पर दिया जोर

प्रशांत किशोर ने यह भी सुझाव दिया है कि कांग्रेस को पुनर्जीवित करने के लिए उसे अपने स्थापना वाले सिद्धांतों को फिर अपनाना होगा. साथ ही जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की एक सेना भी बनानी होगी. उनके सुझाव में मीडिया और डिजिटल प्रचार का भी काम शामिल है. प्रशांत किशोर ने यह भी सिफारिश की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस को एक शैडो कैबिनेट का गठन करना चाहिए जिसमें सशक्त नेता हों.

स्थानीय दलों से गठबंधन का दिया सुझाव

प्रशांत किशोर ने यह भी सुझाव दिया है कि यूपीए 3 बनाने या अकेले जाने के बजाय कांग्रेस को कांग्रेस प्लस यानी गठबंधन के लिए विचार करना होगा. उन्होंने सिफारिश की है कि कांग्रेस को उन नेताओं और क्षेत्रीय संगठनों से हाथ मिलाना चाहिए, जिन्होंने राज्य में अपने लिए जगह बनाई है. उन्होंने एक परिवार एक टिकट, कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस कार्य समिति के निश्चित कार्यकाल और आंतरिक चुनावों में हेरफेर की रोकथाम जैसे आंतरिक सुधारों की भी सिफारिश की. इस योजना में कांग्रेस पार्टी के एक करोड़ जमीनी कार्यकर्ताओं को भी जोड़ने का काम शामिल है, जिसमें से 50 लाख जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता होंगे और बाकी के अन्य चुनावी सेना के रूप में होंगे.

प्रशांत किशोर ने सुझाव दिया है कि कांग्रेस को मुख्यधारा के मीडिया से बचना चाहिए. उनका सुझाव है कि कांग्रेस को एक शक्तिशाली डिजिटल सेना बनानी चाहिए, जो बीजेपी का मुकाबला कर सके. उन्होंने सिफारिश की है कि कांग्रेस को चुनाव जीतने के लिए 30 करोड़ मतदाताओं को साथ लाने का लक्ष्य रखना होगा. उन्होंने गांधी बनाम गोडसे जैसे विषय का भी सुझाव दिया है.

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