कब पड़ेगी भगवान विष्णु की कृपा बरसाने वाली इंदिरा एकादशी, जानें पूजा विधि और मुहूर्त

हिंदू धर्म में जिस इंदिरा एकादशी व्रत को भगवान श्री विष्णु की कृपा बरसाने और पितरों को मोक्ष दिलाने वाला माना गया है, उसकी पूजा विधि और धार्मिक महत्व जानने के लिए पढ़ें ये लेख.

एकादशी व्रत की पूजा विधि और धार्मिक महत्‍व

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हिंदू धर्म में जगत के पालनहार माने जाने वाले भगवान श्री विष्णु की पूजा के लिए एकादशी तिथि को सबसे ज्यादा शुभ और उत्तम माना गया है. मान्यता है कि श्रद्धा, विश्वास और विधि-विधान के साथ जो कोई व्यक्ति एकादशी व्रत को करता है, उस पर भगवान विष्णु की शीघ्र ही कृपा बरसती है. आश्विन मास में पितृपक्ष के दौरान पड़ने वाली इंदिरा एकादशी का क्या धार्मिक महत्व है और सितंबर के महीने में यह कब पड़ेगी, इस दिन किए जाने वाले व्रत की विधि, पूजा का शुभ मुहूर्त और नियम आदि के बारे में विस्तार से जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.

इंदिरा एकादशी की शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 20 सितंबर 2022 की रात्रि 09:26 बजे से प्रारंभ होकर 21 सितंबर 2022 को रात्रि 11:34 बजे तक रहेगी. चूंकि सनातन परंपरा में प्रत्येक पर्व उदया तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, इसलिए इंदिरा एकादशी का व्रत 21 सितंबर 2022 को रखा जाएगा, जबकि इसका पारण 22 सितंबर 2022 को प्रात:काल 06:09 से 08:35 बजे के बीच में करना उचित रहेगा.

इंदिरा एकादशी पूजा विधि

इंदिरा एकादशी के दिन प्रात:काल सूर्योदय से पहले उठें और स्नान-ध्यान करने के बाद उगते हुए सूर्यदेव को अर्घ्य देकर प्रणाम करें. इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए इंदिरा एकादशी व्रत को विधि-विधान से करने का संकल्प करें. इसके बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा या फोटो को ईशान कोण में पीले रंग आसन बिछाकर रखें और गंगाजल से स्नान कराएं. इसके बाद श्री हरि की पूजा पीले रंग के पुष्प, पीले चंदन और पीले फल, दीप, धूप आदि से करें. इसके बाद एकादशी व्रत की कथा और विष्णु सहस्त्रनाम पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ पढ़ें. अंत में भगवान विष्णु की आरती करने के बाद सभी को प्रसाद बांटें और स्वयं भी ग्रहण करें.

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इंदिरा एकादशी व्रत का नियम

  • एकादशी व्रत के एक दिन पहले सूर्यास्त से पहले भोजन कर लेना चाहिए.
  • इंदिरा एकादशी व्रत वाले दिन भूलकर भी चावल नहीं खाना चाहिए.
  • इंदिरा एकादशी व्रत की पूजा करते समय भगवान को गंगाजल और तुलसी दल जरूर चढ़ाएं.
  • इंदिरा एकादशी व्रत के दिन भगवान विष्णु के मंत्र का जप तुलसी अथवा पीले चंदन की माला से करें.
  • इंदिरा एकादशी व्रत रखते समय पूरी तरह से ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
  • इंदिरा एकादशी व्रत को करते समय किसी के प्रति क्रोध नहीं करना चाहिए और न ही किसी को अपशब्द बोलना चाहिए.

साल 2022 में कब-कब पड़ेगी एकादशी

  • 06 अक्तूबर 2022, गुरुवार पापांकुशा एकादशी
  • 21 अक्तूबर 2022, शुक्रवार रमा एकादशी
  • 04 नवंबर 2022, शुक्रवार देवोत्थान एकादशी
  • 20 नवंबर 2022, रविवार उत्पन्ना एकादशी
  • 03 दिसंबर 2022, शनिवार मोक्षदा एकादशी
  • 19 दिसंबर 2022, सोमवार सफला एकादशी

(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारितहैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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