कन्हैयालाल हत्याकांड में आरोपियों ने बनाए थे प्लान A और B! जानें किस बात का था डर

कन्हैयालाल साहू हत्याकांड के दोनों आरोपियों ने NIA पूछताछ में कई खुलासे किए हैं. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने भागने के लिए दो प्लान बनाए थे.

उदयपुर हत्याकांड के आरोपी (फाइल फोटो)

Image Credit source: (फाइल फोटो)

कन्हैयालाल साहू हत्याकांड के दोनों आरोपियों को उदयपुर लाने के बाद बाद मामला फिर चर्चा में है. दोनों आरोपियों से पूछताछ में कई चौंकाने वाली वाली बातें सामने आई हैं. आरोपियों ने हत्याकांड अंजाम देने से पहले भागने के लिए दो प्लान बनाए थे. इसके लिए प्लान A और B तैयार किए थे. आरोपियों ने बताया कि किसी कारण से अजमेर वाले रूट से भाग नहीं पाने की स्थिति में प्लान B को लागू करना था. प्लान बी के तहत उदयपुर में दो जगह रुकने का प्लान था. ये इलाके शहर के मल्ला तलाई और खांजीपीर थे. हालांकि घटना के बाद दोंनो ने प्लान B कैंसिल कर दिया.

प्लान B कैंसिल करने की वजह थी क्योंकि लाइव वीडियो बनाने के बाद शहर में रुकना आसान नहीं था. वे अजमेर से होते हुए कुछ दिन बिहार या हैदराबाद जाने वाले थे. वहां रुककर नेपाल जाने की फिराक में थे. आरोपियों ने सोचा कि हत्या और उसकी जिम्मेदारी का वीडियो वायरल के बाद उनका शहर में रहना संभव नहीं था.

क्या था प्लान- A

हत्याकांड के बाद कैसे वीडियो बनाया जाए और रियाज को फैक्ट्री में जाकर वह वीडियो शूट करना था. किस तरह से वीडियो बनाया जाएगा और उसमें हथियार दिखाए जाएंगे और किस तरह से वीडियो को वायरल किया जाएगा यह प्लान में शामिल था. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद फरार होने के दौरान बाइक और कपड़ों का विशेष ध्यान रखा गया जिससे उनकी पहचान ना हो सके. एक्स्ट्रा कपड़े भी रखने थे ताकि पहचान ना हो सके. बाइक के द्वारा उदयपुर से राजसमंद होते हुए अजमेर दरगाह जाने का प्लान था. वहां कुछ दिन रुकने के बाद सड़क मार्ग से हैदराबाद और फिर बिहार जाने का प्लान था. प्लान के अनुसार बिहार से हैदराबाद का एक व्यक्ति उन्हें वहां से नेपाल भागने में मदद करता.

ऐसा था प्लान B

आरोपियों का प्लान बी था कि किसी भी तरह अजमेर के रास्ते नहीं भाग पाए तो कुछ दिन शहर में रहेंगे. इसके लिए उन्होंनें दावत-ए-इस्लामी संगठन से जुडे़ 2 लोगों के घर रुकने का प्लान बनाया. ये दोनों लोग रियाज के दूर रिश्तेदार भी है. रियाज और गौस क्या करने वाले थे और कब उनके घर पर आकर रूकेंगे. ये रियाज ने उन रिश्तेदारों को नहीं बताया. दोनों घरों के मालिकों को भी इसकी भनक नहीं थी कि रियाज और गौस क्यों उनके घर रुकेंगे. या वे किसी वारदात को अंजाम देने वाले है. लाइव वीडियो के बाद आरोपियों को लगा कि हत्या और उसकी जिम्मेदारी के वीडियो वायरल होने के बाद उनका शहर में संभव नहीं होगा. जिनके घर रूकेंगे, वे लोग ही उन्हें पकड़वा देंगे.

फोन कर बस इतना कहा- धर्म का प्रचार करने आये है-आपके घर रुकेंगे

कन्हैयालाल की रैकी करते समय रियाज ने अपने रिश्तेदारों को फोन कर उनके घर रुकने की इच्छा जताई. रियाज ने उन 2 लोगों को बस इतना ही कहा- धर्म का प्रचार में कुछ नया कर रहे हैं. जरूरत होगी तो कुछ दिन आपकी मदद लेंगे. आपके घर ही रुकेंगे. रियाज की इस बात पर किसी ने इतना ध्यान नहीं दिया. दोनों घर के मालिकों ने रियाज को धार्मिक प्रचार का काम करते हुए हामी भर दी.ये चौंकाने वाला खुलासा NIA से पूछताछ में आरोपियों ने किया. आरोपी रियाज अत्तारी ने साफ कहा- वो दावत ए इस्लामी संगठन का प्रचार करते हैं, ऐसे में किसी ने उन्हें कारण नहीं पूछा. NIA ने पूछताछ के बाद उन लोगों को बुलाया. हालांकि उनका इस हत्याकांड की प्लानिंग से कोई कनेक्शन सामने नहीं आया. इस पर NIA ने छोड़ दिया.

खांजीपीर और मल्लातलाई को सुरक्षित ठिकाना माना

पूछताछ में आरोपियों ने बताया- उन्हें लगा कि वारदात को अंजाम देने के बाद यदि उन्हें उदयपुर में रुकना पड़ा तो सबसे मुफीद जगह स्थान खांजीपीर और मल्ला तलाई इलाका होगा. रियाज ने गौस से बात सोच-समझकर दोनों लोगों से बात की. हालांकि यह प्लान रैकी के शुरुआती दिनों का था. खांजीपीर और मल्लातलाई मुस्लिम बाहुल्य इलाके है. रियाज और गौस दोनों इस इलाके को अच्छे से जानते थे.

माना जा रहा है कि यदि वारदात और उसकी जिम्मेदारी का लाइव वीडियो नहीं होता तो प्लान के अनुसार आरोपी उदयपुर के इन्हीं दो में से एक इलाके में एक घर को अपना ठिकाना बनाते. गौस और रियाज किसी को वारदात के बारे में नहीं बताते. वे जिनके घर रूकने वाले थे. उनको भी कुछ नहीं बताते, सिर्फ संगठन के प्रचार का बहाना कुछ दिन वहां रहते. बता दें कि रियाज और गौस दोनों खांजीपीर इलाके में ही रहते थे. उनके घर रूकने पर उन्हें पारिवारिक दबाव में कुछ पूछे जाने का डर ज्यादा था.

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