एक SP साहब ऐसे भी! छात्रों ने मदद मांगी तो गाली देकर औकात याद दिलाई, CM ने किया सस्पेंड

Cm Shivraj Singh Chouhan

मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के एसपी अरविंद तिवारी को पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रों से गाली-गलौज करना भारी पड़ गया. एसपी के वायरल ऑडियो को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें सस्पेंड कर दिया. सीएम शिवराज ने कहा कि छात्रों के साथ गाली-गलौज करने का मामला संज्ञान में आया था. मेरे भांजों-बच्चों ने एसपी से कुछ मदद मांगी थी, लेकिन मदद करने के बजाय उन्होंने गाली दी. वायरल ऑडियो की जांच करने पर आवाज एसपी से मैच की. इस पर तत्काल डीजीपी से एसपी को सस्पेंड करने को कहा गया. अधिकारियों की ऐसी अभद्रता सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी. जनता हो, छात्र हों या लोग हों सभी के साथ अच्छा व्यवहार करना अधिकारियों का दायित्व है.

बता दें, मामला झाबुआ जिला मुख्यालय पर स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज का है. बीते रविवार की रात पॉलिटेक्निक कॉलेज के 50 से ज्यादा छात्र अचानकर झाबुआ थाने पहुंच गए. छात्रों ने अपने साथ हुई घटना के बारे में पुलिस को जानकारी दी. छात्रों ने बताया कि आलीराजपुर जिले के छात्र कॉलेज में उत्पात मचाते हैं. वह कॉलेज और हॉस्टल में अपना अधिकार जमाना चाहते हैं. आए दिन अन्य जिलों के छात्रों के साथ मारपीट करते हैं, जिससे छात्र हॉस्टल में नहीं रह पाते. छात्रों के साथ रैंगिग भी की जाती है. कई बार इसकी शिकायत कॉलेज प्रशासन से की गई, लेकिन किसी ने कुछ संज्ञान नहीं लिया.

शराब के नशे में थे मारपीट करने वाले छात्र

फाइनल ईयर के छात्रों ने बताया कि रविवार की रात कॉलेज के एक गुट ने उन लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी. मारपीट करने वाले सभी छात्र शराब के नशे में थे. छात्रों ने धमकी दी कि अगर वह लोग दोबारा से हॉस्टल में आए तो उन लोगों की जमकर पिटाई की जाएगी. छात्रों ने थाने में पुलिस से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि हमें सुरक्षित हॉस्टल तक छोड़ा जाए. हॉस्टल में रहने वाले आलीराजपुर जिले के छात्रों से उनकी जान को खतरा है.

पुलिस ने सिक्योरिटी के नाम पर मांगे 5 लाख रुपये

छात्रों का कहना था कि जब उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग की तो पुलिस ने उन्हें सुबह आने को कह दिया. पुलिस ने कहा कि अभी जिले में आचार संहिता लगी है. इस वजह से वह लोग नहीं जा सकते हैं. काम का काफी व्यस्तता है. अगर उन लोगों को सुरक्षा चाहिए तो सिक्योरिटी के नाम पर पहले पांच लाख रुपये जमा करो, तब कहीं जाकर हम मामले को देखेंगे. इस पर छात्रों ने पुलिसकर्मियों से निवेदन करते हुए कहा कि दूसरे गुट के छात्र शराब के नशे में हैं. हॉस्टल जाने पर वह लोग उन्हें बेरहमी से मारेंगे. इसलिए दो-तीन पुलिस के जवानों को उनके साथ भेज दिया जाए, लेकिन छात्रों की विनती पर भी पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की.

छात्रों ने सोशल मीडिया पर वायरल किया ऑडियो

जब छात्रों ने देखा कि थाने में कोई सुनवाई नहीं हो रही है तो उन्होंने एसपी अरविंद तिवारी को फोन लगा दिया. जब छात्रों ने एसपी से अपनी पीड़ा सुनाई तो एसपी साहब पीड़ा का समाधान करने के बजाय उल्टा छात्रों को गाली बकने लगे. इस दौरान छात्रों ने उनकी कॉल रिकॉर्डिंग कर ली और ऑडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. जिले के नामी अधिकारी की बात होने के कारण सीएम शिवराज ने मामले को संज्ञान में लिया. सीएम शिवराज ने वर्चुअल मीटिंग में डीजीपी को बुलाकर एसपी को हटाने के निर्देश देते हुए जांच के आदेश दिए. जांच के बाद आज एसपी को सस्पेंड कर दिया गया.

पीड़ित छात्रों ने की अलग हॉस्टल की मांग

वहीं झाबुआ कोतवाली पर जो छात्र शिकायत लेकर पहुंचे थे, उनमें धार, खरगोन, मंडला और बड़वानी जिले के छात्र थे. छात्रों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वह लोग कई बार कॉलेज प्रशासन से इस मामलें दखलअंदाजी देने का मांग कर चुके हैं, लेकिन कॉलेज प्रशासन हर बार उनकी मांग को अनसुना कर देता है. छात्रों ने मांग की कि उनके लिए अगल हॉस्टल की व्यवस्था की जाए. वह लोग आलीराजपुर जिले के छात्रों के साथ नहीं रह सकते हैं.