उत्तराखंड सरकार चंपावत में स्थापित करेगी हाईटेक मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण केंद्र

Bee Keeping

उत्तराखंड का अधिकांश भूभाग पहाड़ी है. ऐसे में पहाड़ों में खेती का रकबा बेहद ही कम हैं. वहीं सिंचाई के अभाव की वजह से पहाड़ी जिलों में परपरांगत खेती चुनौतिपूर्ण होती है. ऐसे में किसानों के लिए बागवानी और एपीकल्चर फायदेमंद साबित हो सकती है. जिसे ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड (Uttarakhand) की नवगठित पुष्कर सिंह धामी सरकार ने काम करना शुरू कर दिया है. जिसको लेकर उत्तराखंड सरकार के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने गुरुवार को एक अहम फैसला लिया है. इस फैसले के तहत उत्तराखंड सरकार चंपावत में हाईटेक मधुमक्खी पालन केंद्र (Beekeeping Training Center)स्थापित करेगी.

मुख्यमंत्री आवास में उनके सामने निकाला गया 25 किलो शहद

उत्तराखंड उद्यान विभाग की तरफ से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में मधु मक्खियों के छत्ते से शहद निकालने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी ने शहद निकालने की प्रक्रिया को देखा और उनकी मौजूदगी में हाईटेक तरीके से 25 किलो शहद निकाला गया. कार्यक्रम में मधुमक्खी से बचाव के लिए प्रभावी उपाय अपनाए गए थे साथ ही शहद निकालने का हाईजनिक तरीका भी अपनाया गया था. शहद निकालने के बाद मुख्यमंत्री समेत अन्य अधिकारियों ने शहद का स्वाद भी लिया. इसके बाद मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि मधुमक्खी पालन को पायलट प्रोजेक्ट की तरह लिया जाय. साथ ही उन्होंने जनपद चम्पावत में हाईटेक मधु मक्खी पालन प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना करने की भी निर्देश दिए. इस दौरान मुख्यमंत्री ने मधु मक्खी पालन की सम्भावनाओं के सम्बन्ध में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने की निर्देश भी अधिकारियों को दिए.

मुख्यमंत्री आवास में भी होगा मधुमक्खी पालन !

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आवास और उसके बाहर के क्षेत्रों में भी मधुमक्खी पालन किया जा सकता है. इस संबंध के संकेत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं दिए हैं. गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित को मुख्यमंत्री आवास परिसर व परिसर से बाहर खाली स्थानों पर मधु मक्खी पालन के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि उनके आवास परिसर को बागवानी क्रियाकलापों के उत्कृष्ट मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, ताकि आवास में आने वाले आगुन्तकों को बागवानी से सम्बन्धित उन्नत तकनीकों की जानकारी प्राप्त हो सके.

मधुमक्खी पालन से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजित होंगे

कार्यक्रम में निदेशक उद्यान डा. हरमिन्दर सिंह बवेजा ने मधुमक्खी पालन के फायदे के बारे में मुख्यमंत्री को बताया. उन्होंने बताया किमधुमक्खियों के परागण से जहां फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, वहीं मधुमक्खियों से शहद उत्पादन के अतिरिक्त Royal Jelly, Propolis, Bees wax, Pollen, Comb Honey, Bee Venom जैसे महत्वूपर्ण उत्पाद प्राप्त होते हैं. उन्होंने बताया कि मधुमक्खियां जैव विविधता एवं पर्यावरणीय स्थिरता में भी सहयोग प्रदान करती है. उद्यान निदेशक बवेजा ने कहा कि मधुमक्खी पालन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजित होगा और कास्तकारों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी.इस अवसर पर केबिनेट मंत्री चंदन राम दास, पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी, मधु मक्खी पालक रमेश बैजवाल, अतर सिंह मौजूद रहे.

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